भारत में युवा सशक्तिकरण: चंद्रशेखर पटेल जबलपुर

चंद्रशेखर पटेल जबलपुर: युवा भविष्य की कुंजी हैं। युवाओं से देश को बहुत उम्मीद है। सही मानसिकता और क्षमता के साथ युवा राष्ट्र के विकास में योगदान दे सकते हैं। युवा शक्ति हमारे राष्ट्र के गौरव है तथा हमारे राष्ट्र को विकास और उन्नति की ओर ले जाने के लिए एक सक्षम शक्ति है।

युवा भारतीय आबादी का लगभग 65% हिस्सा बनाते हैं। इस देश में युवाओं ने अपनी कड़ी मेहनत और प्रतिभा से उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और देश को गौरवान्वित किया है। युवा शक्ति राष्ट्र का प्राण तत्त्व है। वही उनकी गति है, स्फूर्ति है, चेतना है। युवाओं की प्रतिभा, पौरुष, तप, त्याग और गरिमा राष्ट्र के लिए गर्व का विषय है। युवा वर्ग का पथ, संकल्प और सिद्धियाँ राष्ट्रीय पराक्रम और प्रताप के प्रतीक हैं। उनकी शक्ति अमर है।भारतीय युवाओं में ज्ञान की प्यास है और नई चीजें सीखने में आनंद आता है। हमारे देश में युवा विज्ञान ,तकनीक, खेल हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं। युवा समाज के आधार हैं। युवा का विपरीत वायु होता है। एक युवा में वायु की शक्ति होती है।

युवाओं का गौरवशाली इतिहास
युवाओं ने कई गौरवशाली इतिहास रचे है। युवा शक्ति की देश-सेवा, समाज सेवा और विश्व कल्याण की गाथाएं इतिहास के पन्नों पर स्वर्णक्षरों में अंकित हैं ।आदिकाल से युवाओं ने ही भारतीय संस्कृति को विश्व तक पहुँचाया है।हमारे आराध्य आदि गुरु शंकराचार्य जी ने युवा अवस्था में ही वेदांत की शिक्षा पाकर लगभग 36 हज़ार किलोमीटर क्षेत्रफल वाले अखंड भारत की पद यात्रा करके भारतीय ज्ञान चिन्तन के चार क्षेत्र बद्रीनाथ, जगन्नाथपुरी ,द्वारका, रामेश्वरम स्थापित कर ज्ञान की अविरल ज्योत जलाई थी,जिस ज्योतिपुंज के वाहक स्वामी विवेकानंद ने11 सितम्बर 1893 को शिकागो की धर्म सभा में महिमामंडित किया था।

कालजयी वंदेमातरम के रचयिता भी एक युवा बंकिमचंद्र जी ही थे । युवाओं के हाथ में निर्माण भी होता है औऱ विनाश भी रहता है 1857 का संग्राम युवा रानी लक्ष्मी बाई ,मंगल पांडे के बलिदान की अमिट गाथा हैं, वहीं आजादी का महासंग्राम जहाँ युवा गांधी के सत्याग्रह के लिए जाना जाता है, वहीँ भगत सिंह,चंद्रशेखर आज़ाद, राजगुरु, सुखदेव,अशफाकुल्लाखाँ आदि जैसे कितने युवा थे जिनके अस्त्रों से अग्नि की ज्वालाएँ फूटती थीं । उनके शौर्य और बलिदान की अमर गाथा हैं ये।युवा लोकमान्य तिलक ने पुणे के दगड़ू हलवाई के यहाँ 1893 में गणेश प्रतिमा की स्थापना के साथ ही “स्वराज हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है ” का उद्घोष करके ब्रिटिश सत्ता को चुनौती दी थी,जिसे बाद में बंगाल की तरुणाई नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने “तुम मुझे खून दो ,मै तुम्हे आज़ादी दूँगा”का आव्हान करके युवाओं की “आज़ाद हिंद फौज” बनाकर इतिहास रचा।

भारत भूमि युवाओं की कौशल भूमि रही हैं। भारतीय युवा आर्यभट्ट ,रामानुजम के गणित के सिद्धान्त विश्व की धरोहर हैं। केवल 14 वर्ष की अल्पायु में ही सन्त ज्ञानेश्वर ने श्रीमद्भगवद्गीता पर पूर्व भाष्य लिखकर सबको चमत्कृत कर दिया था। युवा मेजर ध्यानचंद कपिल देव, सचिन तेंदुलकर सौरभ गांगुली,महेंद्र सिंह धोनी, नीरज चोपड़ा अभिनव बिंद्रा ,मैरी कॉम, की प्रतिभा से खेल परिसर गुंजायमान हैं। वहीं भारतीय जाबांज सिपाहियों की सर्जीकल स्ट्राइक ने एक युवा भारत की शक्ति को विश्व के सामने प्रस्तुत किया।

भारत सरकार ने कोविड का सफलता पूर्वक सामना भी देश की युवा शक्ति के बल पर किया था।लाकडाउन के दौरान प्रवासी श्रमिकों को भोजन, पानी,आवास,गाड़ी आदि की सुविधाएं देश के युवाओं ने ही अपनी जान की परवाह ना करके की थी और स्वदेशी वेक्सिन का सफल और कम समय में परीक्षण भी युवा वैज्ञानिकों ने ही किया।भरतीय युवाओं के मैनेजमेंट के सामने आज पूरा विश्व नतमस्तक हैं । ये युवा प्रबंध का ही कमाल है कि 14 जनवरी 2021 से 31 अगस्त 2022 के 18 महीनों में ही देश में दो सौ करोड़ वैक्सीन लगना एक चमत्कार है।

भारत में युवा सशक्तिकरण
युवा सशक्तिकरण का प्राथमिक उद्देश्य युवाओं को अपने संबंधित क्षेत्रों में उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने के लिए प्रेरित करना और उन्हें विकास प्रक्रिया में सबसे आगे लाना है। इससे राष्ट्र के निर्माण के लिए अपार युवा ऊर्जा का उपयोग किया जाएगा। युवा सशक्तिकरण का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता, साहसिक कार्य, युवा नेतृत्व और व्यक्तित्व विकास, किशोरों का विकास और सशक्तिकरण, तकनीकी और संसाधन विकास को बढ़ावा देना है। युवा प्रतिभा को सशक्त और प्रोत्साहित करने के लिए सरकार द्वारा राष्ट्रीय युवा नीति शुरू की गई थी। इस तरह की पहल के माध्यम से युवाओं की क्षमता को सही दिशा में निर्देशित किया जाता है जो पूरे देश को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होता है। युवा सशक्तिकरण में निवेश करने का इससे बेहतर समय कभी नहीं रहा।

हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त, 2015 को अपने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में, आर्थिक सशक्तिकरण और रोजगार सृजन के लिए जमीनी स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए अपने गेम चेंजर अभियान “स्टार्ट-अप इंडिया” स्टैंड-अप इंडिया का अनावरण किया था। डॉ बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की 125 वीं जयंती के उपलक्ष्य में शुरू की गई स्टैंड-अप इंडिया योजना 2022, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला उद्यमियों के रूप में लोगों के रेखांकित क्षेत्र तक पहुंचने के लिए संस्थागत ऋण संरचना का लाभ उठाना चाहती है,ताकि उन्हें राष्ट्र की आर्थिक वृद्धि में भाग लेने में सक्षम बनाया जा सके। इसी तरीके से सहकारिता के क्षेत्र में ,कृषि के क्षेत्र मे युवा किसानों एवं उन्नत किसानों के लेकर भी अनेक योजनाएं चल रही हैं । प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण और मार्गदर्शन के अनुसार, युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय देश भर में युवा विकास और सशक्तिकरण के लिए योजना के तहत कार्यक्रमों को लागू कर रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं आत्मनिर्भर बनाना है क्योंकि आत्मनिर्भर युवा एक-दूसरे से सीखनकर,नए अवसर व संसाधन खोजने तथा आत्मविश्वास एवं क्षमताओं का निर्माण करना सिखाती है।

इस देश में युवाओं को सशक्त बनाना महत्वपूर्ण है,उनके व्यक्तिगत और व्यावसायिक कौशल और ज्ञान का विकास करना,उनकी छिपी क्षमता को जगाना । इसका उद्देश्य उन्हें समाज की समस्याओं से अवगत कराना और उन्हें यह सिखाना है कि वे समस्याओं को दूर करने में कैसे योगदान दे सकते हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि योजना और निर्णय लेने में युवाओं की भागीदारी जो खुद को और दूसरों को प्रभावित करती है। जैसे स्कूलों,स्थानीय सरकारों और संगठनों की संरचना, संस्कृति और प्रोग्रामिंग बहुत मजबूत होती है जब युवा इसमें शामिल होते हैं – न केवल उपभोक्ताओं या लाभार्थियों के रूप में, बल्कि विकास और निर्णय लेने में भागीदार के रूप में।

युवा सशक्तिकरण की आवश्यकता
युवाओं सशक्तिकरण इसलिये जरूरी है क्युकी सही मार्गदर्शन देकर हम युवा की ऊर्जा का समाज,राष्ट्र विकास में सकारात्मक उपयोग करके राष्ट्र को सक्षम ,सशक्त बनाने के साथ ही साथ युवाओं को जिम्मेदार भी बना सकते है। युवा सशक्तिकरण इसलिये जरूरी है क्युकी इन्हें देखकर किशोरो को भी प्रेरणा मिलती हैं।युवाओं को लाभार्थी बनने के बजाय देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। युवा दिमाग को सशक्त और प्रोत्साहित करने के लिए सरकार द्वारा राष्ट्रीय युवा नीति शुरू की गई थी। इस तरह की पहल के माध्यम से युवाओं की क्षमता को सही दिशा में निर्देशित किया जाता है और बदले में, पूरे देश को मजबूत करने में मदद करता है। ।

युवा सशक्तिकरण के कुछ लाभकारी परिणामों में सशक्त और कुशल युवा, वंचितों के लिए स्वस्थ और उच्च गुणवत्ता वाला जीवन, युवाओं की आत्म-प्रभावकारिता और बेहतर सामाजिक कौशल, राष्ट्रीय विकास, उद्यमशीलता, युवा समुदायों द्वारा सरकार पर कम निर्भरता शामिल हैं। युवाओं द्वारा तकनीकी और व्यावसायिक कौशल अधिग्रहण को अपनाने से अर्थव्यवस्था में कौशल की कमी को दूर किया जा सकता है और साथ ही युवाओं को स्व-रोजगार और पूरी तरह से लगे रहने के लिए साधन प्रदान किया जा सकता है। युवाओं को सशक्त बनाने से देश की बढ़ती बुनियादी ढांचे की जरूरतों को पूरा करने के लिए आवश्यक उच्च गुणवत्ता वाले तकनीकी कौशल की आपूर्ति भी बढ़ सकती है।

युवा बेरोजगारी, गरीबी और भूख अब वैश्विक मुद्दे हैं जिनसे दुनियाभर की सरकारे और साथ ही अंतर्राष्ट्रीय निकाय निपटने की कोशिश कर रहे हैं,क्योंकि युवा आज का नागरिक है उसके द्वारा किया गया कार्य ना केवल वर्तमान पर बल्कि भविष्य को भी सुरक्षित करेगा। युवा सहकार के माध्यम से देश मे विकास की नई इबारत लिख रहे हैं।फ़ूड कोर्ट,अतुल्य चाय,ऑनलाइन डिलीवरी एप्प युवा तकनीक का ही कमाल है।कर्नाटक, महाराष्ट्र में युवाओं ने सहकारिता के माध्यम से कृषि, फल,क्षेत्र में जबरदस्त तरक्की की है।सहकार बिना जीवन नही और युवा बिना सहकार के सम्भव नही ।

युवा देश का कर्णधार है जिन्हे देश का संचालन करना है। अपनी शक्ति, सामर्थ्य और साहस से देश को “परम वैभव”तक पहुँचाने का दायित्व युवाओं को स्वीकारना है। युवाओं का ऊर्जा जीवन, यश, पराक्रम अपराजेय, आस्था अडिग और संकल्प अटल होता है।
आइए हम सभी युवा सशक्त होकर सकारात्मक ऊर्जा के साथ मिलकर राष्ट्र को सशक्त बनाएं …