वायरल तस्वीर को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र ‘वायनाड’ की है? जानिए क्या है सच्चाई !

सोशल मीडिया में इस समय एक तस्वीर जमकर वायरल हो रही है जिसमें दावा किया जा रहा है कि यह कांग्रेस नेता राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र वायनाड की है. तस्वीर में दिख रहा है कि रोड में गड्ढे ही गड्ढे हैं और उसमें पानी भरा हुआ है.  दरअसल इस वायरल तस्वीर के जरिए यूजर कांग्रेस नेता को ट्रोल कर रहा है. वह इस तस्वीर के माध्यम से उन पर निशाना साधने की कोशिश कर रहा है कि उनके संसदीय क्षेत्र वायनाड में रोड की हालत इतनी जर्जर हो गई है. तस्वीर को कई फेसबुक यूजर काफी तेजी से शेयर कर रहे हैं, जिसके बाद यह सोशल मीडिया मे छाया हुआ है.

वायरल तस्वीर

वायरल तस्वीर

सोशल मीडिया में एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसको लेकर दावा किया जा रहा है कि यह कांग्रेस नेता राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र वायनाड की है. इस तस्वीर को ऊंचाई से लिया गया और इसमें गड्ढे ही गड्ढे दिखाई दे रहे हैं. फेसबुक यूजर भावसिन्ह जाधव ने इस तस्वीर को शेयर करते हुए कैप्शन लिखा है-

           ‘ राहुल गांधी का संसदीय क्षेत्र वायनाड बना देश का पहला स्मार्ट सिटी.

                   हर घर के आगे सबका अलग-अलग स्वीमिंग पुल है.’

दरअसल यूजर इस तस्वीर को पोस्ट कर राहुल गांधी को उनके संसदीय क्षेत्र के इस हालत के लिए ट्रोल कर रहा है लेकिन वास्तविकता कुछ और ही है.

वायरल तस्वीर की पड़ताल

वायरल तस्वीर की पड़ताल करने करने पर सामने आया कि यह तस्वीर बिहार के भागलपुर की है. टाइम्स ऑफ इंडिया ने रोड की खराब स्थिति को लेकर 29 जून 2017 को एक खबर प्रकाशित की थी. खबर की मानें तो यह तस्वीर भागलपुर-पीरपैंती-मिर्चाचौकी नेशनल हाईवे नं.-80 की है. खबर में लिखा गया है कि रोड की हालत बहुत ही खतरनाक है और इसमें लंबे-चौड़े गड्ढे बन गए हैं.

वायरल तस्वीर की और आगे पड़ताल करने पर पता चला की कुछ साल पहले जब तेजस्वी यादव बिहार सरकार में मंत्री थे तब उन्हें भागलपुर के नेशनल हाईवे नं. 80 के खराब हालत के लिए काफी ट्रोल किया गया था. जिसका जवाब भी उन्होंने 2 जुलाई 2017 को अपने ट्वीट के माध्यम से दिया था.

इस ट्वीट में तेजस्वी ने रोड की खराब स्थिति और बन जाने के बाद की स्थिति, दोनो ही तस्वीरों को एक साथ लगाया है. उन्होंने लिखा है- अफवाह वर्सेज वास्तविकता-@shekhargupta जी देखिए कैसे बिहार को बदनाम किया जा रहा है. आशा करता हूं कि आपको वस्तविकता पता चल गई होगी.

ट्वीट में आप देख सकते हैं कि यह तस्वीर भागलपुर की है और अब इस हाईवे की हालत पहले से बेहतर है.

क्या है सच्चाई

तेजस्वी यादव के ट्वीट और टाइम्स ऑफ इंडिया के खबर से स्पष्ट है कि यह तस्वीर वायनाड की नही बिहार के भागलपुर की है. इस तस्वीर को सोशल मीडिया में कई यूजर शेयर कर रहे हैं लेकिन वायरल पड़ताल के बाद यह खबर पूरी तरह से फेक पाई गई.