ज्ञानवापी परिसर के वीडियोग्राफी सर्वेक्षण का आदेश देने वाले वाराणसी के न्यायाधीश को इस्लामिक संगठन से मिला धमकी भरा पत्र

सिविल जज रवि कुमार दिवाकर ने मंगलवार को राज्य सरकार को सूचित किया कि उन्हें इस्लामिक आगाज मूवमेंट नामक संगठन से धमकी भरा पत्र मिला है। रवि कुमार दिवाकर न्यायाधीश हैं जिन्होंने ज्ञानवापी परिसर का वीडियोग्राफी सर्वेक्षण करने का आदेश दिया था।

न्यायाधीश को संबोधित कथित पत्र के अनुसार, “आपने एक बयान दिया है कि ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का निरीक्षण एक सामान्य प्रक्रिया है। आप मूर्तिपूजक हैं, आप मस्जिद को मंदिर घोषित कर देंगे। कोई भी मुसलमान ‘काफिर, मूर्तिपूजक’ हिंदू जज से सही फैसले की उम्मीद नहीं कर सकता।”

ज्ञानवापी मामले को सुप्रीम कोर्ट ने 20 मई को एक दीवानी अदालत से जिला अदालत में स्थानांतरित कर दिया था।

वाराणसी के पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने कहा कि वाराणसी में सिविल जज रवि कुमार दिवाकर और लखनऊ में उनकी मां की सुरक्षा की समीक्षा की जा रही है। उनकी सुरक्षा 13 मई से पहले ही बढ़ा दी गई थी। जज और उनके परिवार की सुरक्षा के लिए नौ पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। पुलिस आयुक्त ने कहा कि सभी याचिकाकर्ताओं, अधिवक्ताओं और जिला न्यायाधीश को भी सुरक्षा मुहैया करायी गयी है।

रवि कुमार दिवाकर ने पिछले महीने मस्जिद परिसर में हिंदू देवताओं की नियमित पूजा की अनुमति देने वाली याचिका की सुनवाई के दौरान मस्जिद परिसर का वीडियोग्राफी सर्वेक्षण करने का आदेश दिया था, जिसमें हिंदू धार्मिक प्रतीकों के अलावा मस्जिद के वजुखाना के पास एक शिवलिंग जैसी आकृति पाई गई थी। बताया गया कि सारे सबूत मिल गए हैं।