अमेरिका ने चीन को सुनाई खरी-खोटी, कहा कोरोना के बहाने भारतीय क्षेत्र कब्जाने की कोशिश’!

गलवान घाटी में भारत और चीन के बीच हुए गतिरोध के बाद अब सबकी नजरें भारत और चीन के रिश्ते पर टिकी हुई हैं. इस बीच भारतीय क्षेत्र में चीन की घुसपैठ को लेकर अमेरिका ने चीन को जमकर खरी-खोटी सुनाई है. चीन के खिलाफ संवैधानिक संशोधन बिल पास करते हुए अमेरिका ने कहा है कि चीन ने कोरोना महामारी के बहाने गलवान घाटी में भारतीय क्षेत्र में घुसने की कोशिश की. अमेरिका ने कहा कि चीन ने न केवल भारतीय क्षेत्र को हथियाने की कोशिश की बल्कि भारी संख्या में सैनिकों तैनाती कर उकसावे की कार्रवाई करने की कोशिश की. उधर अमेरिका द्वारा चीन के खिलाफ संवैधानिक संशोधन कानून पास कर देने के बाद चीन की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

बता दें कि दक्षिण चीन सागर और सेंकाकू द्वीप पर चीन की विस्तारवादी नीति के कारण अमेरिका सहित विश्व के कई देश चीन से नाराज चल रहे हैं. अब अमेरिका द्वारा चीन के खिलाफ संवैधानिक संशोधन कानून पास कर देने के बाद चीन की मुश्किलें ज्यादा बढ़ सकती हैं.

अमेरिका ने कहा कोरोना के बहाने भारतीय क्षेत्र हथियाना चाहता है चीन

हाल ही में भारतीय क्षेत्र गलवान घाटी में हुए भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प के बाद पूरी दुनिया चीन की आलोचना कर रही बल्कि उस पर कई तरह के प्रतिबंध लगाये हैं. ताजा मामले में अमेरिका ने चीन को कड़ी नसीहत देते हुए संवैधानिक संशोधन बिल भी पास कर दिया है. यही नही उसने कहा कि कोरोना के बहाने चीन भारतीय क्षेत्र को हथियाना चाहता है.

इससे पहले अमेरिका ने भारत जैसे देश के खिलाफ चीन की आक्रामकता की आलोचना करते हुए संवैधानिक संशोधन बिल पास कर दिया है. अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रेंजेटिव्स में नेशनल डिफेंस ऑथराइजेशन एक्ट में संशोधन कर इसे पास कर दिया गया है.

चीन की आक्रमकता खतरनाक

हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में एनडीएए संशोधन बिल भारतीय-अमेरिकी सांसद अमी बेरा औऱ कांग्रेसमैन स्टीव शैबट ने पेश किया. उन्होंने कहा कि भारत औऱ चीन को गलवान घाटी सहित अन्य क्षेत्रों पर तकरार कम करना चाहिए. साथ ही उन्होंने चीन द्वारा दक्षिणी चीन सागर औऱ सेंकाकू द्वीप पर चीन के आक्रामक विस्तारवादी नीति की आलोचना की. सांसद अमी बेरा और स्टीव शैबट ने कहा कि चीन कोरोना महामारी का फायदा उठाकर भारतीय क्षेत्र को हथियाना चाहता है. इतना ही नही अमेरिका की सांसद ने भारत-चीन सीमा पर गलवान घाटी में चीन की आक्रामक रवैये और क्षेत्र में उसके द्वारा अपनाए गए विस्तारवादी नीति पर चिंता जाहिर की है.

भारत के साथ रक्षा सहयोग महत्वपूर्ण

अमेरिका भारत के साथ रक्षा सहयोग को इस क्षेत्र के लिए काफी महत्वपूर्ण मानता है. अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने कहा कि भारत के साथ रक्षा सहयोग 21 वीं सदी का सबसे बड़ा रक्षा सहयोग है. एस्पर ने लद्दाख सीमा विवाद को लेकर कहा कि हमारा देश इस क्षेत्र में लगातार नजर बनाए हुए है. उन्होंने खुशी जाहिर की चीन औऱ भारत आपस में ही इस मुश्किल का हल निकालने की कोशिश कर रहे हैं. एस्पर ने कहा कि उसके नौसैनिक बेड़े दक्षिण चीन सागर और इंडो-पैसिफिक मे द्वीतीय विश्व युद्ध से ही डटे हुए हैं. हम अपने दोस्तों औऱ सहयोगियो के साथ हमेशा खड़े हैं. इस क्षेत्र में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की गतिविधियां अस्थिरता को बढ़ावा देने वाली हैं.

अमेरिका का आरोप एलएसी पर चीन ने भारतीय क्षेत्र में रखा कदम

अमेरिका ने संवैधानिक संशोधन बिल को पास करते हुए चीन पर आरोप लगाया कि वह एलएसी पर न केवल बड़े पैमाने पर सैनिकों की तैनाती की बल्कि दोनों देशो के बीच घोषित 1962 वाली स्थिति से भारतीय क्षेत्र में अंदर भी घुसने की कोशिश की. अमेरिकी संसद को संबोधित करते हुए स्टीव ने कहा मैं भारत का समर्थन करता हूं और अपने द्वीपक्षीय संबंध का समर्थन करता हूं. भारत इंडो-पैसिफिक में एक अहम लोकतांत्रिक पार्टनर हैं. स्टीव ने आगे कहा, मैं उन सहयोगियों के साथ हमेशा खड़ा हूं जो चीन की आक्रामकता से परेशान हैं.