जम्मू कश्मीर में 5 भाषाओं को मिलेगा राजभाषा का दर्जा, केन्द्रीय मंत्रीमंडल ने दी मंजूरी

जम्मू कश्मीर में 5 भाषाओं को राजभाषा का दर्जा दिया जायेगा. इस आशय का प्रस्ताव आज केन्द्रीय मंत्रीमंडल की बैठक मे पास किया गया. विधेयक को संसद के मानसून सत्र में पेश किए जाने की संभावना है. आज प्रधानमंत्री मोदी के अगुवाई मे हुई केन्द्रीय केबिनेट की बैठक में लिए गए फैसले की जानकारी देते हुए केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि जम्मू कश्मीर के लिए राजभाषा विधेयक लाया जायेगा.

जम्मू-कश्मीर की राजभाषा
Photo-moneycontrol.com

जम्मू कश्मीर को लेकर एक और महत्वपूर्ण विधेयक संसद के इस मानसून सत्र में लाए जाने की संभावना है. केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि केन्द्रीय मंत्रीमंडल ने संसद में जम्मू कश्मीर राजभाषा विधेयक 2020 को पेश करने की अनुमति प्रदान की है. जिसमें 5 भाषाएं उर्दू, कश्मीरी, डोगरी, हिन्दी और अंग्रेजी राज्य की आधिकारिक भाषाएं होगीं. सार्वजनिक मांग के आधार पर ऐसा किया गया है.

Also Read- J&K : Modi government to pass a bill to make Urdu and Kashmiri as Official language

प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि इस विधेयक को संसद में पेश किया जायेगा इसलिए वह अभी इस कानून के बारे में ज्यादा जानकारी नही दे रहे हें. उधर केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने कहा कि जम्मू कश्मीर में डोगरी, हिन्दी और कश्मीरी को आधिकारिक भाषाओं के रुप में शामिल करने की मांग काफी लंबे समय से की जा रही थी. इसके अलावा समानता की भावना को ध्यान मे रखते हुए भी इस फैसले को लिय़ा गया.

बता दें कि केन्द्रीय मंत्रीमंडल ने बैठक में तीन एमओयू को भी मंजूरी प्रदान की है. इनमें से एक वस्त्र मंत्रालय और जापान के बीच गुणवत्ता मूल्यांकन पद्धति के लिए, दूसरा खनन मंत्रालय और फिनलैंड के बीच और तीसरा ऊर्जा मंत्रालय और डेनमार्क के बीच है.