केंद्र सरकार पर बरसे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, गैर-बीजेपी मुख्यमंत्रियों से कहा- तय कर लीजिये कि बीजेपी से लड़ना है या डरना है.

देश में इस वक्त JEE मेन और नीट की परिक्षाओं को लेकर हंगामा मचा है. बीजेपी परिक्षा लेने के मूड में दिखाई दे रही है तो वहीँ विपक्ष इस मुद्दे पर बच्चों के साथ खड़ी दिखाई दे रही है, कुछ बच्चे परीक्षा को लेकर विरोध कर रहे हैं. इसी सिलसिले में बुद्धवार को गैर बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक आयोहित की गयी थी. ये बैठक कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गाँधी के नेतृत्व में आयोजित थी.

केंद्र सरकार को घेरने के लिए विपक्ष की बैठक!

बैठक में सभी मुख्यमंत्रियों ने इस बार पर जोर देते हुए कहा कि कोरोना संकट के कारण राज्यों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए नरेंद्र मोदी सरकार को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के मुआवजे का पूरा भुगतान करना चाहिये. सोनिया गांधी ने यह आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की ओर से जीएसटी से जुड़ा मुआवजा देने से इनकार करना राज्यों और जनता के साथ छल है. वहीँ इस बैठक में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री केंद्र सरकार से काफी खफा दिखे.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ठाकरे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘हम करें तो पाप और वो करें पुण्य. ऐसा नहीं चलेगा.’ उन्होंने कहा, ‘यह फैसला हमें करना है कि हमको लड़ना है या डरना है.’ ठाकरे ने कहा, ‘आम आदमी की ताकत सबसे बड़ी होती है, उसकी आवाज सबसे ऊंची होती है और अगर कोई उसे दबाने की कोशिश करे तो उसकी आवाज उठानी चाहिए। यह हमारा कर्तव्य है.’

27 अगस्त को होने वाली है जीएसटी परिषद की बैठक

ये बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जीएसटी परिषद की बैठक 27 अगस्त को होगी और इस बैठक में जोरदार हंगामा होने के आसार जताए जा आरहे हैं. केंद्र सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने जीएसटी परिषद से ठीक एक दिन पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी के साथ डिजिटल बैठक की.