मंत्री से सवाल पूछने पर महिला का होने लगा चत्रित हनन ? तमाशा देख रहे हैं ‘मामा’

मध्य प्रदेश में बदले सियासी समीकरण का अब अपनी असली चेहरे भी दिखने लगा है. कुछ दिन पहले कांग्रेस के विधायकों ने कांग्रेस के साथ बगावत कर सिंधिया की अगुवाई में बीजेपी में शामिल हो गये थे. इसके बाद कमलनाथ की सरकार गिर गयी, कोरोना वायरस के बीच जब सारे कार्यक्रम रद्द हो रहे थे ऐसे में शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. हाल ही शिवराज सिंह ने मंत्रिमंडल का विस्तार भी किया और बीजेपी सरकार में मंत्री बेन तुलसी सिलावट से महिला ने तीखा सवाल पूछा तो सवाल पूछने का अंजाम भी देख लीजिये.

मंत्री से पूछा सवाल तो कहे गये अपशब्द 

तुलसी सिलावट शिवराज सिंह चौहान की सरकार में मंत्री है. तुलसी सिलावट कांग्रेस में थे लेकिन सिंधिया के साथ पार्टी से बगावत कर बीजेपी में आ गये और अब मंत्री बन गये हैं हालाँकि मंत्री बनने के बाद जब वे एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे तो उन्हें एक लड़की ने खरी खोटी सूना दी. दरअसल लड़की ने मंत्री साहब से पूछ लिया कि कुछ दिनों पहले तक आप कांग्रेस में थे, लेकिन अब बीजेपी में आ गए हैं, आपको कैसा लग रहा है. एक अच्छी खासी सरकार को आपने गिरा दिया. इसके बाद लड़की ने एक और सवाल चुभता सवाल मंत्री जी साहब से पूछा. लड़की ने सवाल किया कि कांग्रेस सरकार के समय किसानों का कर्जा माफ हो गया है और बीजेपी में आने के बाद अब वह कहते हैं कि कर्जा माफ नहीं हुआ है.

इसके बाद मंत्री साहब के समर्थकों ने लड़की से ऐसे सवाल ना पूछने की बात कही लेकिन लड़की ने कहा कि मैं भी नागरिक हूँ और मै भी वोटर हूँ..क्यों ना पूछूँ सवाल. हालाँकि इधर लड़की सवाल पूछकर कार्यक्रम से निकली ही थी कि शिवराज सिंह चौहान के मंत्री के समर्थकों ने शुरू कर दिया लड़की का चरित्रहरण.. सोशल मीडिया पर तमाम तरह के बातें और फोटो शेयर किये जाने लगे और इसके साथ महिला के चरित्र पर भी सवाल खड़ा किया है. ध्यान रहे मंत्री साहब अब उस पार्टी में हैं जो महिलाओं के सम्मान में बड़ी बड़ी बातें करती हैं, कार्यक्रम चलाती है और जिस सरकार में तुलसी सिलावट मंत्री हैं उस सरकार के मुखिया को बच्चे मामा कहते हैं.

मंत्री ने कहा बिटिया और समर्थकों ने कर डाला चरित्रहनन

हालाँकि कुछ ही देर में लड़की का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा और लड़की के सवाल के साथ आईटी सेल ने महिला का चरित्रहरण करना भी शुरू कर दिया. जब मंत्री साहब से इसके बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने उसे बेटी कहते हुए संबोधित किया. इसी बात पर लड़की ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफोर्म पर एक सवाल और दाग दिया कि एक तरफ मंत्री जी मुझे बिटिया कहकर संबोधित कर रहे हैं और दूसरी तरफ उनके ही समर्थक मेरे चरित्र पर सवाल खड़ा कर रहे हैं.

हालाँकि महिला ने जब इसकी शिकायत दर्ज करवानी चाही तो पुलिस स्टेशन में महिला को घंटों इन्तजार करना पड़ा. अततः महिला की शिकायत तो दर्ज कर ली गयी है लेकिन सवाल तो यही है कि क्या पुलिस अपने ही मंत्री के खिलाफ या उनके समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई करेगी? या फिर इस मामले को दबाकर बैठ जायेगी.

सबसे बड़ा सवाल तो ये है कि क्या बीजेपी ऐसे कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई करेगी जो एक महिला के सवाल भर पूछने से अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे हैं? जो महिला का चरित्र हनन करने की कोशिश कर रहे है? जो महिला के लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं? क्या शिवराज सिंह चौहान की पुलिस ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगी?