आयुर्वेद के इन 5 आसान नुस्खों से बीमार से बीमार व्यक्ति हो सकता है एकदम तंदरुस्त

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भारत में आयुर्वेद महज एक चिकित्सा पद्धति नहीं है बल्कि यह जीवन जीने का एक तरीका है। आयुर्वेद लोगों के जीवन को स्वस्थ और संतुलित बनाने में मदद करता है। आजकल हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने पर खासा जोर दिया जा रहा है। बढ़ती जागरूकता के चलते बहुत से लोग आयुर्वेदिक कुकिंग में खासी दिलचस्पी ले रहे हैं। वैसे आयुर्वेद में हमारा विश्वास सदियों से रहा है, क्योंकि इसमें प्राकृतिक तत्वों को अपने मूल स्वरूप में अपना कर इंसान स्वस्थ रह सकता है।

आज The National Opinion आपको बताने जा रहा है कि कैसे आप कुछ छोटी छोटी बातों को लाइफस्टाइल में शामिल करके हमेशा स्वस्थ एवं तंदरुस्त रह सकते हैं – 

1 – अगर आप सब्जियों को ज्यादा गला कर खाते हैं तो सावधान हो जाइए क्योंकि इससे सब्जी के पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं, सब्जी बनाते समय ध्यान रखें कि आप उसे ज्यादा न पकाएं। लेकिन अगर आप उनको कच्चा छोड़ देंगे, तो ये आपकी सेहत को नुकसान भी पहुंचा सकती हैं इसलिए सब्जियों को न तो ज्यादा पकाएं न ही उन्हें कच्चा छोड़ें।

2 – रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए खड़े मसालों को तवे पर भूनकर और पीसकर इसका इस्तेमाल करें। खासतौर पर सर्दियों या बरसात के मौसम में अदरक को तवे पर भून कर खा सकते है।

3 – गेहूं के चोकर में औषधीय गुण भरे हुए हैं और ये हम नहीं कहते, बल्कि पोषण विशेषज्ञों का शोध कहता है। बाजार से पिसा हुआ आटा खाना जितना आसान है, उतना ही आसान है शरीर में रोगों का प्रवेश करना। गेहूं में मौजूद फाइबर (रेशा) आंतों की सफाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

4 – ठंडा खाना खाने से बचें। यह आपके पाचन को प्रभावित कर सकता है। इसके साथ ही इस बात का ध्यान भी रखें कि पूरा पेट भर कर कभी न खाएं। आयुर्वेद के अनुसार भरपेट न खाने से भोजन आसानी से पचता है।

5 – आयुर्वेद के अनुसार मीठा कम खाना चाहिए। आप मीठे के विकल्प के तौर पर शहद या गुड़ का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह आपको डायबिटीज जैसे रोगों से बचा सकता है।

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