दिल्ली वक्फ बोर्ड द्वारा कब्रगाह की भूमि आईटीबीपी को देने संबंधी मामले में दायर की गयी पुनरीक्षण याचिका हाईकोर्ट ने की खारिज

नई दिल्ली : दिल्ली हाईकोर्ट ने कब्रिस्तान की भूमि आईटीबीपी को आवंटन किये जाने के मामले में हस्तक्षेप से मना कर दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने संबंधी दिल्ली वक्फ बोर्ड द्वारा दायर की गयी पुनरीक्षण याचिका को खारिज कर दिया है।

कार्यवाहक चीफ जस्टिस विपिन सांघी और न्यायमूर्ति नवीन चावला की पीठ के समक्ष वक्फ बोर्ड ने पुनरीक्षण याचिका संबंधी अपना पक्ष प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि उसकी शिकायत कोर्ट के उस अवलोकन तक सीमित थी, जिसमें कहा गया है कि कब्रों का स्थानांतरण कोई असामान्य घटना नहीं है, खासकर तब जब वे किसी विकास गतिविधि में बाधक बनते हैं।

बोर्ड की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजय घोष ने कोर्ट से इस आधार पर टिप्पणी वापस लेने का आग्रह किया कि वर्तमान मामला किसी भी विकास गतिविधि से संबंधित नहीं है या कब्रों को स्थानांतरित करने से संबंधित नहीं है। इस पर हाईकोर्ट ने हालांकि कहा कि फैसले की समीक्षा के लिए कोई आधार नहीं बनाया गया है।

गौरतलब है कि 20 अप्रैल को कोर्ट ने आईटीबीपी को कथित रूप से दिल्ली वक्फ बोर्ड के स्वामित्व वाले कब्रिस्तान के आवंटन पर केंद्र के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था, जबकि यह देखते हुए कि बोर्ड के अधिकारों की रक्षा की गई थी और कब्रों को स्थानांतरित करने के लिए यह असामान्य नहीं था जब वे विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न करते हैं।