प्रधानमंत्री मोदी और शाह के मुझे मुख्यमंत्री बनाने के फैसले ने कई लोगों की आंखें खोल दीं: महाराष्ट्र विधानसभा में एकनाथ शिंदे

मुंबई: एकनाथ शिंदे ने रविवार को मुख्यमंत्री के रूप में महाराष्ट्र विधानसभा के पटल पर अपना पहला संबोधन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के फैसले के कारण उन्हें सरकार का नेतृत्व करने दिया गया। जबकि उनके पक्ष में विधायकों की संख्या अधिक थी, उनके इस निर्णय ने ‘कईओं की आँखे खोल दी’ हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में महा विकास अघाड़ी सरकार के पतन के बाद, “भाजपा-शिवसेना सरकार” ने कार्यभार संभाला है जो पार्टी के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की मान्यताओं पर आधारित है।

मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी भाजपा उम्मीदवार राहुल नार्वेकर के समर्थन में 164 मतों और उनके खिलाफ 107 मतों के साथ सदन के अध्यक्ष चुने जाने के तुरंत बाद आई।
उन्होंने कहा,“हर कोई जानता है कि देवेंद्र फडणवीस के साथ 115 सदस्य थे और मेरे पास केवल 50 थे। फिर भी, उन्होंने, पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने उनके पास संख्या होने के बावजूद मुझे सीएम बनाया। भाजपा के इस फैसले ने कई लोगों की आंखें खोल दी हैं।”

शिंदे ने कहा.“अब भाजपा-शिवसेना सरकार ने बालासाहेब ठाकरे की मान्यताओं के आधार पर कार्यभार संभाला है। आज तक हमने देखा है कि लोग विपक्ष से सरकार की ओर रुख करते हैं लेकिन इस बार सरकार के नेता विपक्ष में चले गए। ”

“मैं खुद एक मंत्री था, कई अन्य मंत्रियों ने भी सरकार छोड़ी। मेरे जैसे आम कार्यकर्ता के लिए यह बहुत बड़ी बात थी जो बालासाहेब ठाकरे और आनंद दिघे की विचारधारा के प्रति समर्पित थे।

इस बीच, उपमुख्यमंत्री के रूप में पहली बार सदन को संबोधित कर रहे देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि भाजपा-शिवसेना गठबंधन राज्य की आकांक्षाओं को पूरा करने का प्रयास करेगा।

फडणवीस ने कहा, “भाजपा-शिवसेना गठबंधन की यह सरकार एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में महाराष्ट्र की सभी आकांक्षाओं को पूरा करने की कोशिश करेगी और हमें उम्मीद है कि आप (अध्यक्ष) इसके लिए अच्छा सहयोग देंगे।

सदन के अध्यक्ष चुने जाने के लिए नार्वेकर की सराहना करते हुए, फडणवीस ने कहा, “राहुल नार्वेकर न केवल महाराष्ट्र राज्य विधानसभा में बल्कि पूरे देश में विधानसभा के सबसे कम उम्र के अध्यक्ष हैं, वह सबसे कम उम्र के अध्यक्ष हैं। विचारों और विचार प्रक्रियाओं के लिए कोई आयु सीमा नहीं है।”

विशेष रूप से, एआईएमआईएम ने भाजपा के नारवेकर के खिलाफ मतदान से दूर रहे।

एआईएमआईएम के शाह फारुख अनवर, सपा के दो विधायक समेत कुल तीन विधायक विधानसभा में मतदान से दूर रहे जबकि एआईएमआईएम का एक विधायक सदन से अनुपस्थित रहा।

रविवार से शुरू हो रहे विधानसभा के दो दिवसीय विशेष सत्र में शिंदे-फडणवीस सरकार को सोमवार को विश्वास मत में सदन के पटल पर अपना बहुमत साबित करना होगा।

एमवीए ने स्पीकर चुनाव के लिए शिवसेना विधायक राजन साल्वी को उम्मीदवार बनाया, जबकि भाजपा विधायक राहुल नार्वेकर को महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार के रूप में चुना गया।