तेजप्रताप यादव ने कोरोना वैक्सीन पर करनी चाही राजनीति, लोगों ने ऐसे बजा दी बैंड

कोरोना से निजात पाने के लिए देश में दो वैक्सीन को आपातकालीन इस्तेमाल के लिए मंजूरी मिल गई है। बता दें कि इस लिस्ट में एक कोविशील्ड (Covishield) है और दूसरी कोवैक्सीन (Covaxin) है। ऐसे में जल्द ही देश में टीकाकरण का कार्यक्रम शुरू होगा। बता दें कि देश में टीकाकरण प्रोग्राम के पहले ड्राई रन करके तैयारियों का जायजा लिया जा रहा है। वहीं बिहार में दूसरी बार ड्राई रन चलाया जा रहा है। बता दें कि इसको लेकर वहां राजनीति का भी दौर शुरू हो गया है। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) ने कोरोना वैक्सीन को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधा है।

दरअसल तेजप्रताप यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सलाह दी है कि, तो वैक्सीन सामने आई है, उसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) लगवाएं। इस बयान को लेकर तेज प्रताप यादव की अब सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हो रही है।

लेकिन कोरोना वैक्सीन पर सियासत करना लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज को महंगा पड़ा गया। आपको बता दें कि इससे पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव, कांग्रेस नेता शशि थरूर और जयराम रमेश ने भी कोरोना वैक्सीन को लेकर बेतुका बयान दे चुके है।

तेज प्रताप यादव के इस बयान पर एक ट्विटर यूजर ने लिखा कि, बैल बुद्धि वैक्सीन देश की जनता के खातिर है ना कि किसी नेता के लिए मोदी लगवाए या ना लगवाए परन्तु किसी भी राजनेता को वैक्सीन नहीं लगानी चाहिए।

वैसे वैक्सीन को लेकर सवाल खड़े करने वाले तेज प्रताप यादव पहले ऐसे नेता नहीं है, बल्कि इससे पहले उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी इस वैक्सीन को ना लगवाने की बात कह चुके हैं। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव तो इस वैक्सीन को भारतीय जनता पार्टी की वैक्सीन बता चुके हैं। वहीं इसके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने भी वैक्सीन को लेकर कहा था, ‘कोवैक्सीन ने अभी तीसरे फेज का ट्रायल भी पूरा नहीं किया है. वक्त से पहले मंजूरी जोखिम भरा हो सकता है। स्वास्थ्य मंत्रालय को स्थिति साफ करनी चाहिए। ट्रायल से पहले वैक्सीन के इस्तेमाल पर रोक लगे।’