आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों से किया ये सवाल

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आरक्षण एक ऐसा मुद्दा है जिसे ख़त्म करने से सरकार डरती हैं, उन्हे लगता है कि अगर ऐसा कर दिया गया तो लोगों में जनआक्रोश का माहौल पैदा हो जाएगा और हमारी सरकार गिर जाएगी, वहीं जनता का कुछ हिस्सा इसका सपोर्ट करता है, कुछ विरोध करता है तो एक तबका खुद आरक्षण की मांग करता नजर आता है, बाबासाहब आंबेडकर ने संविधान में आरक्षण का प्रावधान इसलिए जोड़ा था और इसके लिए इतनी मशक्कत इसलिए कि थी क्योंकि जिन लोगों को उनके जाति के कारण छुआछूत, भेदभाव आत्यचार का सामना करना पड़ा था उन्हे इसके तहत बचाया जा सके और समाज में समान अधिकार मिल सके, वहीं उन्होने ये भी कहा था कि अगर दस साल के बाद हालात स्थिर होते हैं तो इसे हटा देना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हुआ, वहीं अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में राज्यों से जवाब मांगा है। 

सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण पर दागे सुप्रीम कोर्ट से तीखे सवाल. 

आज सुप्रीम कोर्ट ने मराठा आरक्षण मामले पर सुनवाई करते हुए राज्यों से पूछा कि पूछा कि 50 फीसद तक आरक्षण देना सही है या नहीं। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा है कि वो 15 मार्च से इस मामले को लेकर रोज सुनवाई करेगा,वहीं सुप्रीम कोर्ट का मानना है कि इस मामले में अन्य राज्यों को भी जोड़ना चाहिए सभी की बात सुनना जरूरी है इसलिए उन्होने पूछा है कि 50 फीसदी आरक्षण देना सही है या नहीं।। 

महाराष्ट्र सरकार ने मराठाओं का आरक्षण कर दिया था 16 फीसदी 

2018 में महाराष्ट्र सराकार ने एक ऐलान किया था जिसके तहत 16 फीसदी आरक्षण मराठाओं को देने की बात कही गई थी जिसके बाद ये मामला हाईकोर्ट गया था जिसमें हाईकोर्ट ने इसकी सीमा घटा दी थी वहीं सुप्रीम कोर्ट में ये मामला जाने के बाद आज सुनवाई की जा रही है।