”देश को आजाद रहने दीजिए”..जानिए क्यों सुप्रीम कोर्ट ने लगाई ममता सरकार को फटकार !

सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में ममता सरकार को जमकर फटकार लगाते हुए कहा है कि सरकार की आलोचना के लिए आम लोगों को परेशान नही किया जा सकता. सुप्रीम कोर्ट ने कहा देश को आजाद रहने दीजिए..लाइन क्रास मत करो. दरअसल दिल्ली की रहने वाली एक महिला ने कोरोना महामारी के बीच कोलकाता के भीड़भाड़ वाले राजा बाजार की तस्वीर शेयर की थी. इस तस्वीर के माध्यम से महिला ने लॉकडाउन नियमों को लेकर ममता सरकार की ढिलाई पर सवाल उठाए थे. इसके बाद पोस्ट को आपत्तिजनक बताते हुए कोलकाता पुलिस ने महिला को समन भेज दिया.

ममता बनर्जी
Photo-punjabkesari.in

सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान कोलकाता पुलिस को जमकर डांट लगाई है. सुप्रीम कोर्ट जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और इंदिरा बनर्जी की बेंच ने कहा कि अगर राज्यों की पुलिस इस तरह से किसी को भी समन जारी करने लग जाएगी तो यह एक खतरनाक ट्रेंड बन जाएगा. ऐसे में न्यायालयों को अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार की रक्षा करना जरुरी हो गया है जो कि संविधान के आर्टिकल-19 (1) A के तहत हर नागरिक को मिला हुआ है.

सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा कि ‘लाइन क्रास मत करो’ भारत को एक आजाद देश बने रहने दीजिए. भारत में हर किसी को बोलने की आजादी है और हम सुप्रीम कोर्ट के रुप में बोलने की आजादी की रक्षा करने के लिए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने 29 सितंबर के हाईकोर्ट के उस आदेश पर भी रोक लगा दी है जिसमें याचिकाकर्ता महिला को जांच में सहयोग करने के लिए कोलकाता मे उपस्थित होने को कहा था.

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ममता सरकार के खिलाफ पोस्ट करने पर समन

29 साल की रोशनी विश्वास नाम की महिला ने एडवोकेट महेश जेठमलानी के जिए कोलकाता हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. हाईकोर्ट ने महिला को फेसबुक पोस्ट को लेकर कोलकाता पुलिस के सामने पेश होने को कहा था जिसमें महिला ने कोलकाता के राजा बाजार में लॉकडाउन की अवहेलना करने पर ममता सरकार की आलोचना की थी.

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