इस बुजुर्ग ऑटोड्राइवर के हौसले को लोगों ने किया सलाम, बढ़ – चढ़कर की आर्थिक मदद इतनी धनराशि हुई इकट्ठा

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पिछले दिनों आपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जरूर पढ़ा होगा जहां एक बुजुर्ग शख्स ने अपनी पोती को डॉक्टर बनाने के लिए अपना घर बेच दिया था और  आराम करने की उम्र में ऑटो चला रहा थे, पैसे जोड़कर अपनी पोती का डॉक्टर  का सपना पूरा करना चाहता थे लेकिन इतना सब कुछ करने के बाद भी पर्याप्त मात्रा में रकम ना जुटा पाने के कारण वो परेशान हो गए थे, जिसके बाद एक न्यूस पोर्टल Humans of Bombay ने इस बुजुर्ग शख्स की स्टोरी सोशल मीडिया पर डाली जिसके बाद से ही ये स्टोरी काफी वायरल हो गई और लोगों ने इस बुजुर्ग शख्स की बढ़ – चढ़कर मदद करने के लिए सामने आए। 

इतनी धनराशि हुई इकट्ठा 

इस उम्र में भी बुजुर्ग शख्स के इस हौसले को देखते लोगों ने उन्हे खूब सराहा और उनकी मदद भी की, मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक उनकी कहानी सुनने के बाद हजारों लोग इमोशनल हो गए थे और अब उनके लिए फंड्स जुटाया गया और अब तक 24 लाख रूपए की धनराशि इकट्ठा हो चुकी है।

दोनों बेटों को खोया देशरज ने 

74 साल के देशरज पांडे ने बताया था कि 40 साल की उम्र में उनके बड़े बेटे लापता हो गए थे जिसके बाद उनके बेटे की लाश उनको एक ऑटो पर मिली तब से उस ऑटो को उन्होने अपने से अलग नहीं किया और उसे खरीद का गुजारा करना शुरू कर दिया अभी पहले बेटे की मौत से वो उबरे ही थे कि उन्होने अपना दूसरा बेटा भी खो दिया जब ऑटो चला रहे थे तब उन्हे एक कॉल आया कि आपके दूसरे बेटे ने ट्रेन के बीच में आकर आत्महत्या कर ली है तभी से देशरज पांडे के ऊपर उनकी बहु और बेटी संभालने का सारा जिम्मा उनके ऊपर आ गया जिसके बाद हर रोज वो सुबह छह बजे से देर रात तक ऑटो चलाते है और कई बार तो उसी ऑटो पर सो भी जाते थे।

धनराशि