कश्मीरी बच्चे के आंसू पर भी आतंकियों को नही आई रहम, भावुक कर देगा वीडियो

जम्मू कश्मीर में बुद्धवार को बारामूला जिले के सोपोर में आतंकवादियों ने सेना की एक टुकड़ी पर हमला कर दिया, जिसमें एक जवान के शहीद होने की खबर सामने आई है, साथ ही साथ कई जवान घायल भी बताये जा रहे हैं. हालाँकि इस घटना के दौरान इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला वीडियो और कुछ तस्वीर सामने आई है. जिसमें आप साफ़ तौर पर देख सकते हैं कि आतंकी कितने क्रूर होते हैं जो जन्नत की नूर के लिए लोगों का खून बहा रहे हैं.

दरअसल जहाँ पर आतंकियों ने जवानों पर हमला किया वहां से एक बच्चा अपने दादा जी के साथ हंदवाड़ा जा रहा था . वो भी इसी गोलीबारी में फंस गये. आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें हमारे जवान शहीद हो गये इसके साथ ही बच्चे के दादा जी को भी गोली लग गयी. बच्चा रोता हुआ दादा जी के शव के पास बैठा रहा लेकिन इसके बावजूद भी आतंकियों का दिल नही पसीजा. उन्होंने गोलीबारी जारी रखी.

सोपोर के एसएचओ अज़ीम खान ने बताया कि जब वह घटना स्थल पर पहुंचे तो जो हमने देखा वह बहुत विचलित करने वाला था. हमारी प्राथमिकता थी कि हम किसी तरह बच्चे को वहां से बचाकर निकालें. ये बहुत चुनौती भरा काम था क्योंकि आतंकी लगातार हम पर गोलीबारी कर रहे थे. ये बच्चा अपने दादा के साथ हंडवाड़ा जा रहा था जिन्हें रास्ते में इस हमले के दौरान गोली लग गई. पुलिस ने इससे पहले ही बताया था कि उन्होंने इस बच्चे को घटनास्थल से निकालकर उसकी मां को सौंप दिया है.

इस मासूम बच्चे का रोते हुए एक वीडियो भी सामने आया है. जब सेना के जवान बच्चे को घटना की जगह से बचाकर वहां से लेकर जा रहे थे इस दौरान किसी जवान ने उसका वीडियो भी बना लिया. जिसमें बच्चा रोते हुआ दिखाई दे रहा है. वाकई वीडियो बड़ा भावुक कर देने वाला है. दरअसल गोलीबारी के बीच में बच्चे को वहां से निकालना पुलिस और जवानों के लिए भी एक चुनौतीपूर्ण काम था, लेकिन आतंकी अंधाधुंध फायरिंग करते रहे और जवानों ने बच्चे को बचा लिया.

कश्मीर में भारतीय सेना के जवान ही अभी तक आतंकियों के निशाने पर रहते थे लेकिन आतकंवादियों ने अब आम नागिरकों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है. आईजी विजय कुमार ने कहा, “मैं मस्जिद समितियों से अनुरोध करता हूँ कि आतंकवादियों को धार्मिक स्थलों का उपयोग न करने दें” “पिछले साल जनवरी से जून के बीच 129 युवा आतंकी संगठनों में शामिल हुए. इस साल 6 महीने में 67 युवा आतंकी बने हैं. जिसमें से 24 मारे गए हैं. 12 गिरफ्तार कर लिए गए हैं, जबकि बाकी अभी भी सक्रिय हैं. हम युवाओं के माता-पिता से अपील करते हैं कि उन्हें मुख्य धारा से जोड़ने के लिए कदम उठाएँ.”