राजस्थान : संबित पात्रा ने की CBI जांच की मांग, भाजपा को घेरने का दांव कांग्रेस को पड़ सकता है उल्टा!

राजस्थान में राजनीतिक बवाल बढ़ता ही चला जा रहा है, पहले तो ये था कि कांग्रेस अपने ही लोगों में उलझी थी लेकिन अब इस लड़ाई में भाजपा के कद्दावर नेता गजेद्र सिंह शेखावत का नाम घसीटे जाने पर कांग्रेस को दो मोर्चों पर लड़ाई लड़नी पड़ रही है। एक तो खुद उसके ही सिपाही जो अब बागी हो चुके हैं, सचिन पायलट हैं तो दूसरा मोर्चा भाजपा ने बना लिया है। बता दें कि शनिवार को भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक प्रेस कांफ्रेंस करके राजस्थान में मामले में CBI जांच की मांग की है।

Randeep Surjewala

ऑडियो के जरिए सियासत

दरअसल कांग्रेस ने एक दिन पहले भाजपा के नेता और मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर आरोप लगाया था कि वो राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार को गिराने की साजिश रच रहे हैं। सुरजेवाला ने शुक्रवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में ये आरोप लगाते हुए कहा कि, दो वायरल ऑडियो में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत राजस्थान की सरकार गिराने की साजिश रच रहे हैं। कांग्रेस प्रवक्ता ने इस मामले में मांग की थी कि, शेखावत के खिलाफ तुरंत FIR होनी चाहिए और गिरफ्तारी होनी चाहिए। इस बारे में SOG में शिकायत भी दर्ज करवाई गई। कांग्रेस ने इसी के साथ दो विधायकों को पार्टी से निलंबित कर दिया था।

कांग्रेस की सरकार सियासी ड्रामा कर रही है

अब इस मामले में भाजपा की तरफ से पलटवार किया गया है। बता दें कि शनिवार को संबित पात्रा ने प्रेस कांफ्रेंस में इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की है। संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस की सरकार सियासी ड्रामा कर रही है। राजस्थान में तथाकथित बनाम प्रत्यक्ष का मामला है। हाईकमान से लड़ाई हाईकोर्ट तक पहुंची है। कांग्रेस के घर की लड़ाई सड़क पर पहुंच गई है। पात्रा ने कहा, अशोक गहलोत के मुख्यमंत्री बनने के बाद शीतयुद्ध की स्थिति बनी रही। पात्रा ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की है।

Sambit Patra PC

कांग्रेस का राजनीतिक ड्रामा हम देख रहे हैं

संबित पात्रा ने कहा, राजस्थान में कांग्रेस का राजनीतिक ड्रामा हम देख रहे हैं। ये षड्यंत्र, झूठ फरेब और कानून को ताक पर रखकर कैसे काम किया जाता है, उसका मिश्रण है। वहां जो राजनीतिक नाटक खेला जा रहा है, वो यही मिश्रण है। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा, राजस्थान की सरकार 2018 में बनी, अशोक गहलोत जी मुख्यमंत्री बने, उसके बाद एक कोल्ड वॉर की स्थिति कांग्रेस पार्टी की सरकार में बनी रही। कल अशोक गहलोत जी ने स्वयं मीडिया के सामने आकर कहा है कि 18 महीने से मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के बीच में वार्तालाप नहीं हो रही थी। पात्रा ने पूछा, क्या फोन टैपिंग की गई, राजस्थान सरकार को इसका जवाब देना चाहिए। जब फोन टैपिंग हुई है तो क्या यह संवेदनशील और कानूनी मामला नहीं बनता?

CBI द्वारा तत्कालीन जांच हो

उन्होंने कहा कि क्या आप उनके फोन टैप कर रहे हैं जो किसी दूसरी पार्टी के सदस्य हैं। क्या राजस्थान में यह इमरजेंसी जैसी हालत नहीं है? पात्रा ने पूछा कि क्या एसओपी इस काम में है। इसी के साथ संबित पात्रा ने कहा कि बीजेपी इस पूरे प्रकरण का CBI द्वारा जांच की मांग करती है। क्या एसओपी फॉलो हुआ, फोन टेपिंग इत्यादि किया गया? क्या सभी राजनीतिक पार्टी के सभी लोगों के साथ इस प्रकार का व्यवहार किया जा रहा है? इसको लेकर CBI द्वारा तत्कालीन जांच हो।

Sambit Patra Congress

कांग्रेस के पलटवार का इंतजार

अब सवाल उठता है कि कहीं कांग्रेस ने खुद के ही पैर तो कुल्हाड़ी नहीं मार ली, ऐसा इसलिए कहा जा रहा है कि, जिस ऑडियो के वायरल होने पर पूरा ड्रामा चल रहा है, आखिर वो ऑडियो कहां से आया? क्या गहलोत सरकार सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है? क्या कांग्रेस अपनी सरकार बचाने के लिए भाजपा नेताओं को फोन टेप करवा रही है? फिलहाल अब देखना ये है कि कांग्रेस की तरफ से क्या पलटवार होता है!