क्या विकास दूबे की अभी भी कोई कर रहा है मदद? पुलिस के पहुँचने से पहले फरार हो जाता है अपराधी विकास

कानपुर हमले का आरोपी विकास दूबे अभी भी यूपी पुलिस की पकड़ से बाहर है. लगभग दस राज्यों की पुलिस विकास दूबे का पीछा कर रही हैं लेकिन विकास दूबे है कि पुलिस से दो कदम आगे ही निकलता है. कानपुर की घटना हुए एक हफ्ता होने वाला है लेकिन पुलिस अभी भी विकास दूबे को गिरफ्तार करने में नाकाम है. सवाल तो ये भी उठने लगा है कि क्या अभी भी कोई है जो विकास दूबे को पुलिस के हर चाल की जानकारी दे रहा है?

दरअसल ये सवाल तब उठने लगा है जबसे विकास दूबे के फरीदाबाद के एक होटल में रुके होने की जानकारी मिली लेकिन जबतक पुलिस उस होटल तक पहुँचती विकास वहां से निकल गया. हालाँकि इस दौरान एक सीसीटीवी फोटो भी सामने आया है कहा जा रहा है कि सीसीटीवी में दिखाई दे रहा है वो व्यक्ति विकास दूबे ही है. हालाँकि सवाल तो यही है जब आम इंसान को एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने के लिए पास की जरूरत पड़ रही है तो बिना किसी की मदद के विकास दूबे उत्तर प्रदेश से बाहर कैसे निकल गया? क्या अभी भी कोई उसकी मदद कर रहा है?

अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर कसा तंज 

अब इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस और योगी सरकार दोनों पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिरकार एसटीएफ अभी भी विकास दूबे तक क्यों नही पहुँच पा रही है. वहीँ पर इस मामले को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर बड़ा हमला बोला है. अखिलेश यादव ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि “अब तो विकास ख़ुद ही पूछ रहा है… ‘विकास’को कब गिरफ़्तार करोगे… करोगे भी या नहीं? वैसे उप्र की ‘नाम बदलू’भाजपा सरकार के पास एक विकल्प और है… किसी और का नाम बदलकर ‘विकास’रख ले और फिर… बाकी क्या कहना… जनता ख़ुद समझदार है.” इससे पहले अखिलेश यादव ने ट्वीट किया, “उप्र सत्ता व अपराध के गठजोड़ के उस वीभत्स दौर में है, जहां न तो पुलिस को मारनेवाले दुर्दांत अपराधी पर कोई कार्रवाई हुई है और न ही उस अधिकारी पर जिसकी संलिप्तता का प्रमाण चतुर्दिक उपलब्ध है. ऐसे में तथाकथित निष्पक्ष जांच भी उनसे करवाई जा रही है, जो ख़ुद कठघरे में खड़े हैं.”

अब कौन कर रहा है विकास दूबे की मदद?

हालाँकि मिली जानकारी के मुताबिक़ मुखबीरी के आरोप में चौबेपुर थाने के सीओ को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, एसएसपी का ट्रान्सफर कर दिया गया है और चौकी के सभी पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है. वहीँ विकास दूबे के सहयोगी को भी पुलिस ने एक एनकाउंटर में मार गिराया है लेकिन खुद विकास दूबे अभी तक पुलिस की पकड़ में नही आया और ना ही पुलिस उस तक पहुँच सकी है. इतना ही पुलिस के पास कोई सुराग भी नही है कि आखिर विकास दूबे हैं कहाँ? सिर्फ अंदाजा लगाया जा रहा है कि विकास दूबे यहाँ या वहां हो सकता है.

दरअसल पुलिस और नेताओं के साथ विकास दूबे की अच्छी पकड़ थी. ये भी एक वजह है कि पुलिस के विकास दूबे तक ना पहुँच पाने पर सवाल खड़ा हो रहा है. जहाँ पुलिस को जानकारी मिलती है कि विकास दूबे यहाँ हो सकता है पर पुलिस के पहुँचने से पहले विकास दूबे वहां से फरार हो जाता है तो वही सवाल यहाँ भी खड़ा हो रहा है कि क्या विकास की भी भी कोई मदद कर रहा है? वहीँ विकास दूबे की पत्नी भी फरार है पुलिस अभी भी उसकी तलाश कर रही है लेकिन उस पहुँच नही पायी है.