एजेंट का कहना है कि सलमान रुश्दी की एक आंख की चली गई है और एक हाथ ने काम करना बंद कर दिया है

लेखक सलमान रुश्दी के साहित्यिक एजेंट का कहना है कि पश्चिमी न्यूयॉर्क में बीते अगस्त महीने में एक साहित्यिक कार्यक्रम में मंच पर पहुंचे एक व्यक्ति के हमले से उबरने के बाद लेखक की एक आंख की रोशनी चली गई और वह अपने एक हाथ से अब कोई काम नहीं कर पा रहे हैं.

साहित्यिक एजेंट एंड्रयू वायली ने शनिवार (22 अक्टूबर) को प्रकाशित एक लेख में स्पेनिश भाषा के समाचार पत्र ‘एल पेस’ को बताया कि हमले में रुश्दी की गर्दन पर तीन गंभीर घाव और उनके सीने तथा धड़ पर 15 घाव हुए. उनकी एक आंख की दृष्टि चली गई और एक हाथ अक्षम हो गया.

मुंबई में जन्मे 75 वर्षीय रुश्दी के उपन्यास ‘द सैटेनिक वर्सेज’ के प्रकाशन के बाद ईरान के अयातुल्ला खामनेई ने 1989 में उनके खिलाफ फतवा जारी किया था. इस किताब को कुछ मुसलमान ईशनिंदा के तौर पर देखते हैं. इस वजह से रुश्दी ने कई वर्ष छिपकर गुजारे. हालांकि पिछले दो दशकों में उन्होंने स्वतंत्र रूप से यात्रा की.
हमला करने का आरोपी न्यूजर्सी के फेयरव्यू का 24 वर्षीय हादी मतेर जेल में बंद है. उसने हत्या के प्रयास और हमले के लिए दोषी नहीं होने की बात कही थी. द न्यूयॉर्क पोस्ट अखबार को जेल में रहते दिए गए एक इंटरव्यू में मातेर ने कहा था कि वह रुश्दी को नापसंद करता है और खोमैनी की प्रशंसा करता है.

हमले के बाद रुश्दी का पेनसिलवेनिया के अस्पताल में इलाज हुआ जहां कुछ समय उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया.

अमेरिका में पश्चिमी न्यूयॉर्क के चौटाउक्का इंस्टीट्यूशन (Chautauqua Institution) में 12 अगस्त 2022 को एक कार्यक्रम के दौरान अपना व्याख्यान शुरू करने जा रहे 75 वर्षीय सलमान रुश्दी पर एक व्यक्ति ने चाकू से 12 बार वार किया था, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे.

चौटाउक्का इंस्टीट्यूशन, बफेलो शहर के दक्षिण-पश्चिम में 89 किलोमीटर) की दूरी पर स्थित एक केंद्र है, जो गर्मियों में व्याख्यान शृंखला के आयोजन के लिए जाना जाता है.

वायली ने बताया कि इस ‘बर्बर हमले’ में रुश्दी के बांह की नसें कट गईं. वायली ने अखबार से कहा कि वह यह नहीं बताएंगे कि रुश्दी अस्पताल में ही हैं या फिर कहां हैं. वायली ने कहा, ‘वह जीवित हैं. यह सबसे महत्वपूर्ण चीज है.’

समाचार एजेंसी एपी के अनुसार, वायली ने अखबार को बताया कि यह घटना बीटल्स के सदस्य जॉन लेनन की हत्या जैसी थी. मार्क डेविड चैपमैन ने 8 दिसंबर 1980 को लेनन के मैनहट्टन अपार्टमेंट बिल्डिंग के बाहर उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी. गायक तब चैपमैन को ऑटोग्राफ दे रहे थे.

मालूम हो कि रुश्दी पर हुए हमले की वैश्विक स्तर पर निंदा हुई थी. हमले में किसी भी भूमिका से इनकार करते हुए ईरान सरकार ने कहा था कि वह और उनके समर्थक दुनिया के मुसलमानों को बदनाम करने के लिए निंदा और तिरस्कार के योग्य थे.

इस घटना के दो हफ्ते बाद भारत ने प्रसिद्ध लेखक रुश्दी पर ‘भयानक हमले’ की निंदा की थी और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की थी.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने अगस्त में अपने साप्ताहिक संवाददाता सम्मेलन में कहा था, ‘भारत हमेशा हिंसा और चरमपंथ के खिलाफ खड़ा रहा है. हम सलमान रुश्दी पर हुए भयानक हमले की निंदा करते हैं और हम उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं.’

इस हमले के तीन दिन बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने केवल यह कहा था कि बुकर पुरस्कार विजेता पर हमला किया गया है. उन्होंने घटना के बारे में एक सवाल के जवाब में कहा था, ‘मैंने इसके बारे में भी पढ़ा. यह ऐसी चीज है जिस पर पूरी दुनिया ने गौर किया है और पूरी दुनिया ने इस तरह के हमले पर प्रतिक्रिया दी है.’

रुश्दी का जन्म 1947 में मुंबई में हुआ.उन्होंने इंग्लैंड के बोर्डिंग स्कूल के बाद कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से पढ़ाई की थी. साहित्य में योगदान के लिए उन्हें 2007 में ‘नाइट’ की उपाधि दी गई.