राजस्थान में बीजेपी का बड़ा गेम प्लान ‘पायलट’ बन सकते हैं मुख्यमंत्री, जानिए क्या हैं सियासी समीकरण !

राजस्थान सरकार से सचिन पायलट गुट के विधायकों के बगावत के बाद कई सियासी समीकरण बन रहे हैं. सचिन पायलट गुट के 18 विधायकों को अयोग्य ठहराने से रोकने के लिए हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है. यह याचिका बागी विधायकों ने स्पीकर सीपी जोशी द्वारा दिए गए नोटिस के बाद दायर की है. उधर इस गरमाए माहौल में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने बड़ा बयान दिया है. एक समाचार एजेंसी को दिए सक्षात्कार में उन्होंने कहा कि यदि हालात साथ दिए तो पायलट मुख्यमंत्री बन सकते हैं.सतीश पूनिया के इस बयान के कई मायने निकाले जा सकते हैं. इतना ही नही उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए पायलट कोई कदम उठाते हैं तो उन्हें सफलता मिल सकती है. वास्तव में हाईकोर्ट द्वारा विधायकों को अयोग्य ठहराने पर रोक लगाने से सचिन पायलट को बड़ा फायदा हो सकता है.

सचिन पायलट

हाईकोर्ट के फैसले से बदल सकती है तस्वीर

बागी विधायकों का मामला फिलहाल हाईकोर्ट में चल रहा है. आज सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सचिन पायलट गुट को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने यथास्थिति बरकरार रखते हुए स्पीकर की नोटिस पर रोक लगाने के अपने आदेश को बनाए रखा है. इसका सीधा सा मतलब है कि स्पीकर विधायकों को अयोग्य ठहराने जैसा कोई फैसला नही ले सकते भले ही उन्होंने नोटिस दे दिया हो.

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया

कोर्ट के इस आदेश के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं. विधानसभा मे इस समय बीजेपी के पास 75 विधायक हैं इनके साथ मे अगर पायलट गुट के बागी 18 और बीटीपी विधायक जुड़ जाते हैं तो बीजेपी-पायलट गुट का ऑकड़ा 99 तक पहुंच जायेगा. इस तरह से बीजेपी-पायलट गुट सरकार बनाने की स्थिति मे होगा.

कांग्रेस राज्य से लेकर केन्द्र तक आंतरिक कलह से जूझ रही है

कांग्रेस इस समय पूरे देश में भारी संकट से जूझ रही है उसके नेता एक-एक कर पार्टी छोड़ रहे हैं. सचिन पायलट की राज्य पॉलिटिक्स में अच्छी पकड़ है औऱ उनके द्वारा पार्टी से बगावत करने के बाद कांग्रेस खुद ही कमजोर पड़ गई है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया के अनुसार कांग्रेस इम्यूनिटी पावर पूरी तरह से खो चुकी है.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत

मुख्यमंत्री द्वारा पीएम मोदी को लिखे गए पत्र पर सतीश पूनिया ने कहा कि अशोक गहलोत ने नैतिक रुप से अपनी हार मान ली है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी पार्टी को ही टूटने से नही बचा पा रही है तो सरकार खाक बचा पायेगी.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सभी विधायकों को बाड़े मे बंद कर रखा है

राजस्थान में जो स्थिति बन रही है उसको लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत काफी डरे हुए लग रहे हैं. जब से 18 विधायकों ने राजस्थान की सरकार को छोड़ा है अशोक गहलोत कांग्रेसी और निर्दलीय विधायकों को एक बाड़े में बंद कर दिया है. इसका मतबल साफ हो राजस्थान सरकार को सत्ता जाने का डर सता रहा है.

उधर बीजेपी लगातार प्रदेश की समस्य़ाओं को लेकर मुख्यमंत्री पर हमलावर है. प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि मुख्यमंत्री कोरोना संकट, टिड्डी संकट और रोजगार पर बात करने के बजाय एक होटल में ठहरे हुए हैं. जनता पूछ रही है कि सरकार कहां है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को चाहिए कि खुद होटल से बाहर आएं और मंत्रियों व विधायकों को छोड़ दें जिससे कि वह अपने क्षेत्र में जाकर वहां का जायजा ले सकें. प्रदेश की जनता इस संकटकाल में उनको ढ़ूंढ रही है.