मुकेश अंबानी के पीछे पड़ा दुनिया का सबसे अमीर आदमी जेफ बेजोस, वजह चौंकाने वाली है

कारोबार की दुनिया में भारतीय उद्योगपति मुकेश अंबानी एक जानामाना नाम है. वह दुनिया के टॉप 10 अमीरों की लिस्ट में शामिल हैं लेकिन इस समय वह मुसीबतों में घिरे नजर आ रहे हैं. उनकी मुसीबत का कारण बने हैं अमेजॉन के मालिक जेफ बेजोस. दरअसल मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज और फ्यूचर ग्रुप के बीच होने वाली डील पर जेफ बेजोस की कंपनी अमेजॉन ने अड़ंगा डाल दिया है. अमेजॉन की याचिका पर सिंगापुर स्थित आर्बिट्रेशन पैनल ने रोक लगा दी है. अब आर्बिट्रेशन कोर्ट के निर्णय को अमल में लाने के लिए अमेजॉन भारतीय कोर्ट का रुख कर सकती है.

मुकेश अंबानी
Photo-navbharattimes.indiatimes.com

मुकेश अंबानी के पीछे पड़े जेफ बेजोस

मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज और फ्यूचर रिटेल के बीच हुए 24700 करोड़ रुपए के डील मामले में अंबानी की मुश्किलें बढ़ती जा रही है. जेफ बेजोस की कंपनी अमेजॉन ने इस डील को अवैध मानते हुए आर्बिट्रेशन कोर्ट के फैसले पर अमल के लिए भारतीय कोर्ट का रुख करने का मन बना लिया है.

सिंगापुर स्थित आर्बिट्रेशन कोर्ट ने अमेजॉन और फ्यूचर ग्रुप को अपने विवाद के निपटारे के लिए एक सप्ताह का समय दिया है. यदि दोनों के बीच सहमति नही बनती है तो बेजोस की लीडरशिप वाली कंपनी अमेजॉन इस फैसले को लागू करवाने के लिए भारतीय कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती है. इसके साथ ही फ्यूचर ग्रुप को लंबी कानूनी लड़ाई का सामना करना पड़ा सकता है.

क्या है मामला

दरअसल पिछले साल अमेजॉन ने किशोर बियानी के स्वामित्व वाली फ्यूचर ग्रुप की कंपनी फ्यूचर कूपन्स लिमिटेड में 49 फीसदी की हिस्सेदारी खरीदी थी. इस कंपनी के पास फ्यूचर रिटेल की भी 7.3 फीसदी हिस्सेदारी है. अब फ्यूचर रिटेल के कारोबार को किशोर बियानी रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह को 24,700 करोड़ रुपये में बेच चुके हैं. अमेजॉन का कहना है कि फ्यूचर ग्रुप ने रिलायंस के साथ डील करके उसके साथ हुए करार का उल्लंघन किया है.

Also read- Read 5 Stories Of International Sportspersons Who Wrecked Their Established Careers

अमेजॉन की फ्यूचर रिटेल लिमिटेड में 5 प्रतिशत अप्रत्यक्ष हिस्सेदारी होने के कारण और अमेजॉन ने  जो करार किया है उसके मुताबिक राइट टू फर्स्ट रिफ्यूज भी शामिल होने के कारण फ्यूचर ग्रुप अमेजॉन की सहमति के बिना किसी अन्य कंपनी को अपनी हिस्सेदारी नही बेच सकता.