17 साल के रतन टाटा का विमान जब बीच सफर में बंद हो गया..जानिए फिर कैसे बची लोगों की जान !

देश के बड़े उद्योगपति रतन टाटा का लाइफस्टाइल काफी सरल और सहज है. उनके जीवन से जुड़े हुए कई रोचक किस्से हैं. हाल ही में एक चैनल के शो मे उन्होंने बताया है कि कैसे वह एक विमान को उड़ा रहे थे जब उसका इंजन बंद हो गया और फिर कैसे लोगों की जान बची. यह घटना तब कि है जब वह कॉलेज मे पढ़ते थे और उस वक्त वह केवल 17 साल के नौजवान थे. इस घटना का खुलासा उन्होंने एक टीवी चैनल के प्रमोशनल वीडियो में किया है.

रतन टाटा
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17 रतन टाटा उड़ा रहे थे विमान और फिर..

एक टीवी चैनल के प्रमोशनल वीडियो में रतन टाटा ने बताया है कि- उस समय वह कालेज में थे औऱ उनकी उम्र 17 वर्ष की थी. 17 वर्ष की उम्र ही प्लेन को उड़ाने की लिए जरुरी पायलट लाइसेंस के लिए वैध उम्र थी. उन्होंने बताया कि उस समय उनके लिए यह संभव नही था कि वह प्लेन उड़ाने की प्रैक्टिस के लिए हर बार विमान को किराए पर लें सकें. इसलिए उन्होनें अपने दोस्तों से बात की. वह भी विमान उड़ाना सीख रहे थे. रतन टाटा ने उनसे कहा कि अगर तुम लोगों को विमान उड़ाना है तो मैं भी किराएं का हिस्सा आपको दे दूंगा. वह हमेशा ही इस तरह के सहयोग के लिए तैयार रहते थे.

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तीन अन्य मित्रों के साथ प्लेन में थे

उन्होंने उस दिन 3 अन्य लोगों को इसके लिए राजी कर लिया. वह प्लेन को उड़ाने की तैयारी करने लगे. सब लोग काफी खुश थे लेकिन उनकी खुशी ज्यादा देर तक नही टिकी. उनका विमान पहले तेजी से हिला औऱ फिर विमान का इंजन खराब हो गया. सब लोग परेशान हो गए. कोई कुछ नही बोल रहा था. रतन टाटा के दिमाग मे तब एक विचार आया कि कैसे विमान को सुरक्षित नीचे उतारा जाय. उन्होंने बताया कि कैसे उनके साथ वाले मित्र बिलकुल चुपचाप और शांत बैठे रहे जब तक सब नीचे नही पहुंच गए.

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उनका कहना है कि मुश्किल समय मे शांत दिमाग से काम लेना चाहिए. छोटे से हवाई जहाज में इंजन का बंद होना उतनी बड़ा समस्या नही है कि प्लेन क्रैश हो जाय. आपके पास पर्याप्त समय होता है कि आपको प्लेन कहां उतारना है. विपरीत परिस्थितियों में भी शांत मन से काम लेना ही रतन टाटा की विशेषज्ञता है और यही उनकी सफलता का राज है.