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रणदीप सुरजेवाला की ‘चीरहरण’ पर फिसली जुबान, द्रौपदी को बना दिया देवी सीता, भाजपा ने किया हमला

गुरुवार को कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला, देवी सीता और द्रौपदी के बीच भ्रमित हो गए, और महाभारत में द्रौपदी के ‘चीरहरण’ को गलत तरीके से प्रस्तुत करते हुए रामायण की देवी सीता का चीरहरण बता दिया। इसके बाद बबाल मच गया और सोशल मीडिया पर सुरजेवाला की बहुत आलोचना हुई।

सुरजेवाला ने प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, ‘बीजेपी पिछले चुनाव में बुरी तरह हारी थी। सत्य, लोकतंत्र, कानून और नैतिकता की जीत होगी। बीजेपी लोकतंत्र का चीरहरण करना चाहती है, ठीक उसी तरह जैसे देवी सीता का चीरहरण हुआ था । हालांकि वे [राज्यसभा चुनावों में] हार जाएंगे और उनके मुखौटे गिर जाएंगे।

ऐसे में भला सुरजेवाला को निशाना बनाने का मौका भाजपा कैसे चूक सकती है, भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस नेता को फटकार लगाई और कहा कि यह चरित्र की फिसलन है न कि जुबान की फिसलन।

शहजाद ने अपने ट्विटर हैंडल का इस्तेमाल करते हुए लिखा, “एक मुसलमान के रूप में भी मैं जानता हूं कि चीरहरण मां सीता का नहीं बल्कि द्रौपदी का हुआ था! लेकिन तब कांग्रेस ने श्री राम के अस्तित्व को नकार दिया!”

सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सरकार पर देश के किसानों के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया और कहा कि 2022-23 के लिए घोषित खरीफ फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) अल्प और मुद्रास्फीति की दर से काफी नीचे है।

उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि नरेंद्र मोदी सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के बजाय उनका दर्द सौ गुना बढ़ा दिया है। इस तथ्य को प्रमाणित करने के लिए उन्होंने खरीफ सीजन के लिए विभिन्न फसलों के एमएसपी में वृद्धि का एक चार्ट साझा किया और कहा कि “वृद्धि मुद्रास्फीति की दर से काफी नीचे है”।

“एक बार फिर मोदी सरकार का पर्दाफाश हो गया है और यह स्पष्ट रूप से दिखाता है कि उन्होंने 2022-23 के लिए खरीफ फसलों का समर्थन मूल्य घोषित करने में देश के किसानों के साथ विश्वासघात किया है। मोदी सरकार ने किसानों की आमदनी बढ़ाने की बजाय उनका दर्द बढ़ा दिया है। सुरजेवाला ने एक बयान में कहा

निश्चित रूप से सरकार एमएसपी पर पर्याप्त फसल नहीं खरीद रही है और दूसरी ओर, इनपुट लागत में वृद्धि ने किसानों की आय को आधा कर दिया है।

भाजपा पर निशाना साधते हुए, कांग्रेस नेता ने यह भी बताया कि आरबीआई ने हाल ही में मुद्रास्फीति की दर 6.7 प्रतिशत आंकी है, जो अपने उच्चतम स्तर पर है और एमएसपी दरों में वृद्धि मुद्रास्फीति दर से नीचे है।

कांग्रेस नेता एमएसपी के खिलाफ एक चार्ट भी साझा किया जो विभिन्न फसलों की लागत उत्पादन को दर्शाता है जो स्वामीनाथन समिति द्वारा तैयार किए गए सी 2 फार्मूले से 50 प्रतिशत अधिक है।