खुलासा: राजस्थान में आ सकता है बड़ा राजनीतिक भूचाल, दो बिजनेस मैन, दो IPS और एक IAS कर सकते हैं बड़ा उलट-फेर

विधानसभा सत्र बुलाए जाने से पहले राजस्थान की राजनीति में नया भूचाल आ गया है. कांग्रेस औऱ बीजेपी के विधायकों की बाड़ेबंदी के खेल में अब नया खुलासा हुआ है. गहलोत सरकार को लेकर होने जा रहे शक्ति परीक्षण के मद्देनजर अब राज्य बीजेपी नेता अपने विधायकों की बचाने में लग गए हैं. मीडिया रिपोर्टस मे खुलासा हुआ है कि प्रदेश के दो उद्योगपति, दो आईपीएस और एक प्रशासनिक अधिकारी ने भाजपा के 25 विधायकों से संपर्क बनाया हुआ है. यह लोग विधायकों पर दबाव डाल रहे हैं कि विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के समय अनुपस्थित रहें. कहा जा रहा है कि यह उद्योगपति और प्रशासनिक अधिकारी जिन विधायकों पर दबाव बना रहे हैं उनमें से कुछ पहली बार चुन कर आए हैं.

अशोक गहलोत औऱ सचिन पायलट

राजस्थान की सियासत में प्रदेश के उद्योगपति औऱ प्रशासनिक अधिकारी खेल रहे दांव

राजस्थान में चले आ ऱहे सियासी संकट के बीच नया खुलासा हुआ है. कहा जा रहा है कि कांग्रेस के बाद अब बीजेपी अपने विधायकों को बचाने में लग गई. दरअसल गहलोत सरकार ने फ्लोर टेस्ट से पहले अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए बड़ा दांव खेला है. इसके लिए प्रदेश के दो उद्योगपति, दो आईपीएस और एक आईएएस अधिकारी भाजपा के 25 विधायकों से संपर्क बनाए हुए हैं.

इन विधायकों को फ्लोर टेस्ट के दौरान अनुपस्थित रहने को कहा गया है. जिन विधायकों से संपर्क किया गया है उनमें 9 पहली बार चुन कर आए हैं तो वहीं 2 विधायक पहले कांग्रेस में ही थे लेकिन टिकट नहीं मिलने की वजह से वह भाजपा में शामिल हुए थे. इसके अलावा इन उद्योगपतियों औऱ सरकारी अफसरों ने सचिन पायलट गुट के कुछ निर्दलीय विधायकों से भी संपर्क किया है.

माइनिंग, कालाबाजारी और व्यवसाय़ से जुड़े मामलों का हवाला देकर दबाव बनाने की कोशिश

जिन विधायकों को इस बाड़े बंदी के लिए चुना गया है उनके पुराने माइनिंग, ट्रांसपोर्ट या जमीनों से जुड़े व्यवसायों का हवाला देकर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है. जानकारी के अनुसार पुलिस अफसर भाजपा विधायकों और उनके परिजनों के पुराने केस खोलने की धमकी दे रहे हैं साथ ही इन पर निगरानी रखी जा रही है जिससे दबाव में आकर फ्लोर टेस्ट में अनुपस्थित रहे. बता दें कि इससे पहले भाजपा अध्यक्ष सतीश पूनिया ने भी कहा था कि विधायकों पर दबाव बनाया जा रहा है.

 

वसुधंरा राजे सिंधिया और अशोक गहलोत

वसुधंरा राजे की बड़ी भूमिका

कांग्रेस और बीजेपी के इस खींचतान में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुधंरा राजे की बड़ी भूमिका नजर आ रही है. वसुधंरा राजे के दिल्ली मे डेरा डालने के बाद सियासी सरगर्मियां बढ़ती दिखाई दे रही हैं. भाजपा द्वारा किए जा रहे विधायकों की बाड़ेबंदी में बड़ा दांव यहां फंस रहा है कि बिना वसुधंरा राजे की अनुमति के बिना यह विधायक दूसरे राज्यों में शिफ्ट नही होना चाहते. इसीलिए अब सभी को बुलाकर जयपुर में ही बाड़ाबंदी किए जाने की कोशिश की जा रही है. माना जा रहा है कि वसुंधरा राजे बीएल संतोष, जेपी नड्डा और राजनाथ सिंह से मुलाकात करने के बाद अब प्रधानमंत्री मोदी से मिलने के बाद ही जयपुर लौटेंगी.