राजस्थान में गहलोत सरकार ने जीता विश्वास मत, वोटिंग से पहले बीजेपी के 4 विधायक सदन से गायब..!

राजस्थान मे महीने भर से चले आ रहे सियासी संकट का खात्मा हो गया है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस की सरकार ने विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया है. सचिन पायलट और बागी विधायकों ने भी विश्वास मत हासिल करने की प्रक्रिया में हिस्सा लिया. विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने सदन द्वारा मंत्रिपिरषद् मे विश्वास व्यक्त करने का प्रस्ताव स्वीकार किए जाने की घोषणा की. सबसे बड़ी बात यह है कि अब कांग्रेस के पास बहुमत से ज्यादा विधायकों का समर्थन है. इसके अलावा गहलोत सरकार के लिए 6 महीने तक संकट दूर हो गया है. इस बीच विश्वास मत हासिल करने के दौरान हुई बहस में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केन्द्र औऱ भाजाप पर तीखा हमला बोला है.

राजस्थान सरकार ने सदन मे विश्वास मत हासिल किया

राजस्थान कांग्रेस में पिछले एक महीने से चले आ रहे सियासी संकट का अब अंत हो गया है, कांग्रेस हाईकामान के दखल के बाद सचिन पायलट और उनके गुट के 18 बागी विधायकों की वापसी के बाद अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने ध्वनिमत से विश्वास हासिल कर लिया है. विधानसभा सत्र में कांग्रेस ने विश्वास मत का प्रस्ताव रखा. कांग्रेस के चीफ व्हिप महेश जोशी ने स्पीकर को विश्वास मत के लिए नोटिस दिया. इसके बाद धारीवाल ने प्रस्ताव पेश किया.

बीजेपी के 4 विधायक सदन से गायब

राजस्थान मे उस समय अजीबोगरीब स्थिति निर्मित हो गई जब वोटिंग से पहले बीजेपी के 4 विधायक सदन से गायब मिले. बीजेपी नेता अंत तक इन विधायकों को खोजते रहे लेकिन उनका कोई पता नही चला. इन विधायकों ने अपना मोबाइल भी बंद कर था. इसके बाद अंत में मजबूर होकर भाजपा ने वोट पर कोई डीवीजन नही मांगा औऱ न ही वोटिंग कराई.

विधानसभा मे गहलोत के पक्ष मे 125 का संख्या बल

सचिन पायलट औऱ बागी विधायकों की वापसी के बाद राजस्थान कांग्रेस मे विधायकों की संख्या 107 हो गई है. इसके अलावा 13 निर्दलीय विधायक भी कांग्रेस का समर्थन कर रहे हैं. कुछ छोटे दल भी गहलोत सरकार को समर्थन दिया है. इस तरह से अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पास करीब 125 विधायकों का आंकड़ा है. राजस्थान के 200 सदस्य़ीय विधानसभा में सरकार बनाने क लिए 101 का बहुमत होना चाहिए. वहीं बीजेपी के पास राजस्थान में 75 विधायक हैं.

पायलट ने कहा अटकलों पर विराम लग गया है

राजस्थान सरकार द्वारा विश्वास मत हासिल करने की प्रक्रिया के बाद सचिन पायलट ने कहा कि आज सदन के अंदर विश्वास मत बहुमत से पारित हो जाने के बाद सभी अटकलों पर विराम लग गया है. पायलट ने आगे कहा कि उन सभी मुद्दों का रोडमैप तैयार कर लिया गया है जो उठाये जा रहे थे. उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि जो रोडमैप तैयार किया गया था उसकी समय पर घोषणा की जायेगी.

बता दें कि सचिन पायलट और 18 विधायकों ने अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ बगावत कर दी थी. सचिन पायलट असंतुष्ट विधायकों के साथ करीब 1 महीने तक दिल्ली एनसीआर मे डटे रहे. इस बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार ने विधानसभा सत्र बुलाए जाने की मांग की थी. अशोक गहलोत के काफी मशक्कत के बाद राज्यपाल ने विधानसभा सत्र बुलाए जाने को मंजूरी प्रदान की थी.