राजस्थान में बड़ा सियासी बवंडर, सचिन पायलट 16 विधायकों के साथ पहुंचे दिल्ली !

राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार पर सियासी बवंडर छा गया है. सचिन पायलट औऱ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच मतभेद खुलकर सामने आने के बाद दिल्ली में बैठे आलाकमानों के पसीने छूटने लगे हैं. विधायकों की खरीद-फरोख्त होने की खबरों के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया है कि भाजपा उनकी सरकार गिराने की कोशिश कर रही है. इस बीच सचिन पायलट 16 विधायकों के साथ हरियाणा के एक होटल पहुंच गए हैं. बताया जा रहा है कि इनमें से करीब 5 विधायक पहले से ही दिल्ली में मौजूद हैं और वह सचिन पायलट के साथ देर शाम पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिल सकते हैं. उधर तीन निर्दलीय विधायकों पर कांग्रेसी विधायकों की खरीद-फरोख्त के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरों ने प्राथिमिकी दर्ज की है. माना जा रहा है कि यही तीन विधायक भारी मात्रा में पैसे लेकर अन्य कांग्रेसी विधायकों को लुभाने पंहुचे थे.

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच मतभेद खुल कर सामने आया

मध्यप्रदेश में अभी हालात ठीक भी नही हुए थे कि राजस्थान में बड़ा सियासी तूफान आ गया है. उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच मतभेद खुलकर सामने आए हैं. इस बीच सचिन पायलट करीब 16 विधायकों के साथ दिल्ली पहुंच गए हैं. सचिन पायलट के धड़े ने आरोप लगाया है कि उन्हें सरकार के फैसलों पर अहमियत नही दी जाती और उन्हें नजरअंदाज किया जाता है तो वहीं गहलोत के खेमें ने आरोप लगाया है कि सचिन पायलट बीजेपी के संपर्क में हैं.

बता दें कि राज्यसभा चुनाव के दौरान भी दोनो नेताओं के बीच मतभेद साफ देखने को मिला था जब अशोक गहलोत ने कहा था कि बीजेपी अपने पक्ष में वोंटिंग के लिए विधायकों को लुभा रही है तो वहीं सचिन ऐसी किसी भी घटना को लेकर अनभिज्ञता जाहिर की थी.

उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट

यह विधायक पहुंचे दिल्ली

राजस्थान में हो रहे इस राजनीतिक उठा-पटक के बीच जो विधायक दिल्ली पहुंचे हैं उनमें सुरेश टांक, महेन्द्र जीत सिंह मालवीय, ओमप्रकाश हुडला, राजेन्द्र बिधुड़ी, पीआर मीणा सहित अन्य विधायक शामिल हैं इसके अलावा दिल्ली में ही मौजूद विधायकों में रोहित बोहरा, चेतन डूडी और दानिश अबरार शामिल हैं. हालांकि यह विधायक कह रहे हैं कि वह अपने निजी काम से दिल्ली में है लेकिन इसके पीछे बड़ी राजनीतिक चाल दिखाई पड़ रही है. जिस तरह से इन दोनों कांग्रेस नेताओं के बीच तनातनी देखने को मिल रही है उससे तो यही लग रहा है कि यह तूफान यहीं रुकने वाला नही है. सचिन पायलट आरपार की लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार हैं. अब यह पार्टी आलाकमान पर है कि वह सचिन को मना पाता है या नही.

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया भाजपा सरकार गिराने की कोशिश कर रही है

विधायकों की खरीद-फरोख्त की खबर आने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने देर रात बैठक कर तीनों निर्दलीय विधायकों को सहयोगियों की सूची से बाहर कर दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा उनकी सरकार गिराने की साजिश कर रही है और विधायकों को 25-25 करोड़ रुपये देने का लालच दिया जा रहा है. कांग्रेस विधायक दल ने जिन निर्दलीय विधायकों को पार्टी की समर्थन सूची से बाहर निकाला है उनमें ओमप्रकाश हुडला, सुरेश टांक एवं खुशवीर सिंह जोजावर शामिल हैं. इनके खिलाफ राज्य भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने प्राथमिकी दर्ज की है.

तीनों निर्दलीय विधायकों से कांग्रेस ने किया किनारा

विधायक को पैसे देने का लालच देने के मामलें में तीन निर्दलीय विधायकों के नाम आने के बाद कांग्रेस ने इनके नाम अपने समर्थन सूची से बाहर कर दिया है. इन विधायकों के खिलाफ जांच के बाद एसीबी ने स्वत: ही प्राथमिकी दर्ज की है. यह विधायक हैं महुवा से ओमप्रकाश हुडला, अजमेर किशनगढ़ से सुरेश टांक और पाली मारवाड़ जंक्शन से खुशवीर जोजावर शामिल हैं. जांच मे सामने आया है कि इनके पास पैसे की मोटी रकम भी थी जो वह स्थानीय विधायकों को देने वाले थे. इन तीनों की कांग्रेस से संबद्धता पूरी तरह से खत्म कर दी गई है.

उधर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया है कि भाजपा नेता गुलाबचन्द्र कटारिया, प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया और उप नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ केन्द्र सरकार के इशारे पर उनकी सरकार गिराने की साजिश रच रहे हैं. उन्होंने कहा जैसे बकरा मंडी मे बकरे की बोली लगती है वैसे ही विधायकों की बोली लगाई जा रही है. यह बेशर्मी की हद हैं.