4 खास विधायकों ने ही बिगाड़ दिया ‘पायलट’ का खेल !

राजस्थान सरकार से बगावत करने वाले पूर्व उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट अपने ही गुट के विधायकों से धोखा खा गए. इन विधायक को पायलट का करीबी माना जाता है और यह उनके खासमखास में गिने जाते थे लेकिन ऐन वक्त पर इन चारों विधायकों ने उन्हें धोखा दे दिया. बता दें कि सचिन पायलट अपने गुट के विधायकों के साथ दिल्ली एनसीआर के मानेसर आ गए थे लेकिन अशोक गहलोत की चाल काम कर गई और 4 विधायक न केवल दिल्ली के रास्ते जयपुर पहुंच गए बल्कि सचिन पायलट के सारे पत्ते खोल दिए.

सचिन पायलट

सचिन पायलट के खास विधायकों ने बिगाड़ा खेल

राजस्थान में चल रहा सियासी संघर्ष अभी भी थमने का नाम नही ले रहा है. इस बीच एक नई बात सामने आई है जिसमें पता चला है कि सचिन पायलट के करीबी 4 विधायकों ने ही उनका खेल बिगाड़ दिया. खबर में दावा किया गया कि जयपुर में विधायक दल की बैठक से एक दिन पहले तक यह सभी विधायक सचिन पायलट के साथ ही थे लेकिन सचिन पायलट ने जब दावा किया कि गहलोत सरकार अल्पमत मे हैं इसके कुछ समय पहले ही यह विधायक दिल्ली पहुंच गए थे.

दिल्ली पहुंच कर यह विधायक कांग्रेस के कुछ बड़े आलाकमान अधिकारियों से मिले औऱ सचिन पायलट की रणनीति के सारे कच्चे चिट्ठे खोल दिये. यहीं से सचिन पायलट की सारी रणनीति फेल हो गई.

जयपुर में मुख्यमंत्री से बात कर इन विधायक को आनन-फानन में सड़क मार्ग से जयपुर भेजा गया. वहां पहुंचते ही विधायकों को तुरंत मुख्यमंत्री आवास ले जाया गया जहां इन्होने गहलोत के सामने पायलट की पूरी ऱणनीति का खुलासा सबूत के साथ कर दिया. इस घटना के बाद ही विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप मीडिया के जरिए लगाया गया. साथ ही एक-एक विधायकों और मंत्रियों को बुलाकर समर्थन पत्र लिखवाया गया.

तो इसलिए लिखवाया गया समर्थन पत्र

गहलोत पर सत्ता जाने का पूरा अंदेशा हो गया था इसलिए उन्होंने जयपुर में मौजूद सचिन पायलट गुट के विधायकों तथा मंत्रियों से समर्थन पत्र लिखवाए जिससे वह बाद में मुकर न पायें. सभी विधायकों और मंत्रियों के पीछे इंटेलीजेंस और पुलिस का पहरा लगा दिया गया और उनके हर एक मूवमेंट पर नजर रखी जाने लगी.

यही नही बीटीपी के दो विधायकों के आवास पर भी रात मे ही पुलिस का पहरा बिठा दिया गया उसके बाद सुबह ही उनसे समर्थन पत्र पर हस्ताक्षर करने को कहा गया. गहलोत को निर्दलीय विधायको पर भी शक था इसलिए उन्होने उनके यहां भी पुलिस का पहरा लगवा दिया. विधायक दल की बैठक होने के बाद सभी विधायकों को पुलिस की सुरक्षा में बसों में भरकर करीबी बिजनेस मैन के होटल में रखा गया जिससे किसी को भी शक न हो.

निर्दलीय विधायक रमिला खड़िया को रातों-रात हेलीकाप्टर से लाया गया

इन सबके बावजूद कुछ विधायक कम पड़ रहे थे. इस स्थिति मे एक आदिवासी नेता की मदद से निर्दलीय विधायक रमिला खड़िया को रातों-रात हेलीकाप्टर से जयपुर बुलाया गया. सबसे बड़ी बात तो यह थी कि रमिला खड़िया पर ही एसओजी ने विधायकों की खरीद-फरोख्त को लेकर जांच कर रही थी.

बता दें कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के खेमें पूरी तरह से दो गुटों मे बंट चुके हैं. जहां एक ओर सचिन पायलट का खेमा उन्हें मुख्यमंत्री बनाये जाने पर अड़ा हुआ है तो वहीं अशोक गहलोत का गुट सचिन पर विधायकों की खरीद-फरोख्त करने का आरोप लगाया है.