अशोक गहलोत ने सचिन पायलट की खोली पोल, सरकार गिराने की साजिश का पर्दाफाश

सचिन पायलट ने कांग्रेस से बगावत कर राजस्थान सरकार को खतरे में डालने की कोशिश की. वहीँ अशोक गहलोत ने भी अपनी पूरी ताकत से सचिन पायलट को सबक सिखाने का मन बना लिया है. एक तरफ जहाँ इस घटनाक्रम के शुरुवात में कांग्रेस सचिन पायलट पर सख्त थी तो वहीँ बाद में कांग्रेस के आलाकामन के आदेश पर थोड़ी नरमी भी बरती गयी लेकिन जब सचिन पायलट के बर्ताव में बदलाव नही आया तो उन्हें उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से भी हटा दिया गया. वहीँ अब सचिन पायलट पर अशोक गहलोत ने बड़ा हमला बोला है.

“विधायकों को दिया गया पैसो का लालच, हमारे पास है सबूत” 

अशोक गहलोत ने सचिन पायलट के साथ साथ भारतीय जनता पार्टी पर भी हमला बोलते हुए कहा- हमारे विधायकों को पैसे का लालच दिया गया. इसके सबूत हमारे पास हैं. सचिन पायलट खुद हॉर्स ट्रेडिंग में शामिल थे. सचिन गहलोत ने तो ये भी कहा कि हमारे पास विधायकों की खरीद-फरोख्त के सबूत हैं. हमारे विधायकों को पैसे का लालच दिया गया था. उन्होंने इसे नहीं लिया. हमारे पास इसके सबूत हैं. अशोक गहलोत ने बताया कि ये खेल कई दिनों से चल रहा था. अगर हमने राज्यसभा चुनाव से पहले रिजॉर्ट पॉलिटिक्स का सहारा नहीं लिया होता, तो मानेसर की बात जो इस महीने हुई है वो पिछले महीने होती.

अच्छे से बात करना और हैंडसम हो जाना ही सब कुछ नहीं है-अशोक गहलोत 

इतना ही नही, अशोक गहलोत ने कहा कि अच्छी अंग्रेजी बोला, मीडिया से अच्छे से बात करना और हैंडसम हो जाना ही सब कुछ नहीं है. आपके दिल में देश के लिए क्या है, आपकी विचारधारा, सिद्धांत और कमिटमेंट बहुत मायने रखता है. वहीँ अशोक गहलोत और अन्य कांग्रेस के नेताओं ने सीधे तौर पर इसके पीछे बीजेपी की साजिश की ओर इशारा किया है.

वैसे कर्नाटक, मध्य प्रदेश के बाद अब राजस्थान में वही होता दिखाई दे रहा है जो इन राज्यों में बीजेपी ने अंजाम दिया है. कैसे कर्नाटक में चल रही सरकार को अस्थिर कर सत्ता पर बीजेपी बैठ गयी, मध्य प्रदेश में कोरोना काल के बीच सरकार को गिराकर शिवराज सिंह चौहान ने शपथ ग्रहण समारोह किया, वैसे ही कुछ राजस्थान में भी होने जा रहा था हालाँकि कांग्रेस ने अब कड़े तेवर अपना लिए हैं और इस तरह के बागियों को बाहर का रास्ता दिखाने का काम शुरू हो चला है.

उधर सरकार गिराने की साजिश और इधर छापा?

क्या ये बस संयोग है कि एक तरफ जहाँ राजस्थान में सरकार पर खतरा मंडराने लगा और सचिन पायलट ने बगावत कर दी ठीक उसी समय राजस्थान के कई मंत्रियों और विधायकों के यहाँ छापे पड़ने लगे, क्या ये बस संयोग मात्र है कि अशोक गहलोत बीजेपी के किसी केन्द्रीय मंत्री की साजिश बता आरहे हैं और कुछ बीजेपी के मंत्री राजस्थान में घटित हो रहे घटनाक्रम में बड़ी दिलचस्पी दिखा रहे हैं. आखिर कांग्रेस से नाराज होने के बाद सचिन पायलट हरियाणा के मानेसर ही क्यों गये, जो एक बीजेपी शासित राज्य है?

जाहिर से बात है इसके पीछे बड़ी साजिश है जिसे कांग्रेस ने समय रहते पहचान लिया है. हालाँकि गहलोत की सरकार कितने दिन बचती है ये आने वाले दिनों में पता चलेगा लेकिन धीरे धीरे कांग्रेस भी उन लोगों की पहचान में जुटी हुई है जो लोग अपनी ही सरकार विरोध में काम कर रहे हैं कुर्सी की लालच में!