Rajasthan Crisis: बीजेपी की आड़ में अपने ही विधायकों को कांग्रेस से वापस लाने में उलझीं मायावती !

राजस्थान में जारी सियासी उठापटक के बीच बीएसपी सुप्रीमो मायावती को बीजेपी की आड़ में राजनीति करने का अच्छा मौका मिल गया है. एक समय था जब उत्तरप्रदेश की राजनीति में मायावती का सिक्का चलता था. उनकी शक्ति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों तक बिना उनके मोल-तोल के सरकार बनाना मुश्किल था लेकिन समय के साथ उनकी ताकत घटती गई. राजस्थान के ताजा हालात पर बसपा प्रमुख मायावती भाजपा की आड़ मे अपनी खोई हुई शक्ति पाने की कोशिश में हैं.

मायावती

बता दें कि राजस्थान में 2018 विधानसभा चुनाव में बसपा के 6 विधायक जीतकर आए थे लेकिन सारे विधायक कांग्रेस में शामिल हो गए. अब मायावती ने इन विधायकों के मामले में कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.

मायवती की रणनीति से कांग्रेस को हो सकती है मुश्किल

राजस्थान में सचिन पायलट गुट के 18 विधायकों के बगावत के बाद बीएसपी विधायकों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है. ऐसे में बीजेपी ने मायावती को आगे कर अच्छी राजनीतिक चाल चली है. हालांकि बीएसपी के टिकट पर चुने गए 6 विधायक अब कांग्रेस में शामिल हो गए हैं. लेकिन मायावती को उम्मीद की किरण अभी भी नजर आ रही है इसीलिए उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.

इस बीच मायावती ने रणनीतिक रुप से जो चाल चली है उससे कांग्रेस को नुकसान औऱ बीजेपी को शक्ति जरुर मिल सकती है लेकिन मायावती को इससे बड़ा फायदा मिलता नजर नही आ रहा है. उत्तरप्रदेश जैसे राज्य मे बीजेपी मायावती की चिप्रतिद्वंदी पार्टी है तो वहीं कांग्रेस से भी मायावती की पटरी बेमेल है. ऐसे में कांग्रेस को कमजोर करने के लिए उन्होंने जो वक्त चुना है वह समझ से परे हैं.

भाजपा के इशारे पर मायावती कर रही हैं ऐसा काम

मायावती का ऐसे समय में अपने विधायकों के कांग्रेस मे विलय के खिलाफ कोर्ट जाने पर वह कह रही हैं बीएसपी पहले भी कोर्ट जा सकती थी लेकिन हम उस समय का इंतजार कर रहे थे जब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस को सबक सिखाया जा सके. उन्होंने कहा हम इस मुद्दे को जाने नही देंगे और सुप्रीम कोर्ट तक जायेंगे.

बीएसपी विधायक काफी समय पहले ही कांग्रेस में शामिल हो गए थे ऐसे में मायावती इन विधायकों के मामले पर अब कोर्ट में पहुंची है. कुछ लोगों का मानना हैं कि वह बीजेपी के इशारे पर उसे फायदा पहुंचाने के लिए ऐसा कर रही है. हालांकि अभी के हालात से यही लग रहा है कि कांग्रेस को वह नुकसान तो पहुंचाना चाह रही है लेकिन भाजपा को फायदा हो ऐसा वह चाह रही हैं, कहना आसान नही है. खासकर उत्तरप्रदेश की राजनीति को ध्यान में रखते हुए.

अशोक गहलोत ने ट्वीट कर मायावती और भाजपा पर हमला बोला है

बीएसपी विधायकों के कांग्रेस मे शामिल होने को लेकर अशोक गहलोत ने ट्वीट कर भाजपा और मायावती पर जबरदस्त हमला बोला है. उन्होंने एक के बाद एक ट्वीट कर कहा ‘’बहनजी को बीजेपी ने आगे रखा है. उन्हीं के इशारे पर वह बयानबाजी कर रही हैं. बीजेपी जिस प्रकार से सीबीआई, ईडी, आईटी का दुरुपयोग कर रही है, सबको डरा धमका रही है, राजस्थान मे क्या हो रहा है, सबको मालूम है. ऐसा तमाशा कभी नही देखा. वह उनसे डर कर मजबूरी में बयान दे रही है.’’

अशोक गहलोत

एक अन्य ट्वीट में कहा- बीजेपी ने टीडीपी के 4 सांसद को राज्यसभा के अंदर रातों रात मर्जर करवा दिया, वो मर्जर तो सही है औऱ राजस्थान में 6 विधायक कांग्रेस में मर्जर कर गए वो गलत है. तो फिर बीजेपी का चाल-चरित्र-चेहरा कहां गया.’

ये विधायक कांग्रेस में शामिल  हुए हैं

बता दें कि कांग्रेस में शामिल बसपा विधायक हैं- लखन सिंह करौली से, राजेन्द्र सिंह गुढ़ा उदयपुरवाटी से, दीपचंद खेड़िया किशनगढ़ से, जोगेन्दर सिंह अवाना से, संदीप कुमार तिजारा से और वाजिद अली भरतपुर नगर.