कांग्रेस में हुई तकरार बढ़ती नजर आ रही है, अब राहुल गांधी भी पार्टी से खफा नजर आए

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हाल ही में बंगाल में चुनावों में जीत हासिल करने के लिए  कांग्रेस पार्टी अब्बास सिद्दीकी के नेतृत्व वाले इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के साथ गठबंधन करने जा रही थी जिसके बाद कांग्रेस के  पार्टी के दो बड़े नेताओं के बीच घमासान मच गया था, लोकसभा में विपक्ष का प्रतिनिधित्व करने वाले अधीर रंजन और पार्टी के अनुभावी नेता आंनद शर्मा के बीच हुआ मतभेद खुलकर सामने आया था जहां दोनों एक दूसरे पर  बयानों के तीर चलाते नजर आ रहे थे ,  आनंद शर्मा  ने  ट्वीट करते हुए कहा था कि ये गठबंधन पार्टी के  विचारधारा से अलग है वहीं अधीर रंजन ने कहा था आंनद शर्मा बीजेपी की भाषा बोल रहे हैं अब इस मामले पर राहुल गांधी ने भी अपना पक्ष रखा क्या कहा राहुल ने आईए बताते हैं आपको ।

अंदरूनी लोकतंत्र को देता हूं बढ़ावा

उन्होने इस मामले में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मैं कांग्रेस में पार्टी में अंदरूनी मामलों में लोकतंत्र को बढ़ावा देने की कई साल से बात कह रहा हूँ,  इसके लिए पार्टी के लोग ही मेरी आलोचना करते हैं, मैंने अपने पार्टी के लोगों से कहा कि अंदरूनी लोकतंत्र लाना जरूरी है या नहीं अब ये मेरा पार्टी के लोगों से सवाल हैं।

Cornell University के प्रोफेसर से विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की बात

राहुल गांधी ने  Cornel University के एक प्रोफेसर से बातचीत करते हुए इस मामले पर अपनी बात रखी इस बातचीत को उन्होने अपने ट्वीटर अकाउंट पर भी शेयर किया, राहुल गांधी के द्वारा दिया ये बयान बेशक उनका दर्द बयां करता नजर आ रहा है पार्टी में उनकी बात को ही अनदेखा कर दिया जाता हैं, लेकिन सवाल तो ये है ऐसी बाते खुलकर सामने आती ही क्यों हैं, जहां पार्टी वैसे ही कमजोर चल रही है ऐसे में ऐसे मामले पार्टी को और कमजोर बनाते हैं।