तो क्या राहुल गांधी फिर बन सकते हैं कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष? सोनिया गांधी ने की बैठक

कांग्रेस पार्टी का मानना है कि राहुल गांधी लोकसभा में पहले से ही मोर्चा संभाले हुए हैं, लेकिन राज्‍यसभा में पार्टी को बीजेपी को जवाब देने के प्रियंका की ज़रूरत है।

बीते साल लोकसभा चुनाव में करारी हार मिलने के बाद राहुल गांधी ने आत्म-अवलोकन करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफा देने के बाद भी कई महीने तक पार्टी के पास कोई अध्यक्ष नहीं था, कुछ लोग जो राहुल गांधी के इर्द-गिर्द घूमते नजर आते हैं, वो यही चाहते थे कि राहुल गांधी अपना इस्तीफा वापस लें और अध्यक्ष पद की कुर्सी पर बने रहे। लेकिन राहुल गांधी अपना मन बना चुके थे, और उन्होंने अपना इस्तीफा वापस नहीं लिया।

Rahul Gandhi Lockdown

इस बात को एक साल हो गए हैं, इस बीच पार्टी की कमान सोनिया गांधी के हाथों में है। लेकिन इस बीच एक बार फिर से कांग्रेस के भीतर आवाज उठी है कि राहुल गांधी फिर से अध्यक्ष पद को संभालें और पार्टी को नई मजबूती दें। वैसे राहुल किस तरह से पार्टी को मजबूत करते हैं, वो पिछले कई चुनावों में देखा जा चुका है। लेकिन चाहे मजबूरी में या फिर एक परिवार का आधिपत्य होना, पार्टी के पास कोई और चेहरा नजर नहीं आता। हालांकि कांग्रेस में बड़े-बड़े नेता, जिन्होंने अपनी जिंदगी कांग्रेस में बिता दीं उनसे भी अक्सर सुना जाता है कि, पार्टी का अध्यक्ष गांधी परिवार से ही होगा।

राहुल गांधी से आग्रह

फिलहाल शनिवार को कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी के लोकसभा सदस्यों के साथ डिजिटल बैठक की। इस बैठक में देश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थिति और कोरोना महामारी के हालात पर चर्चा की गई, हालांकि इस दौरान कई सांसदों ने यह मांग की कि राहुल गांधी को फिर से पार्टी की कमान संभालनी चाहिए। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में के सुरेश, अब्दुल खालिक, गौरव गोगोई और कुछ अन्य सांसदों ने राहुल गांधी से आग्रह किया कि वह फिर से पार्टी की कमान संभालें। यही नहीं पार्टी के दिग्गज नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी शुक्रवार को कहा था कि अब राहुल गांधी को फिर से कांग्रेस का नेतृत्व करना चाहिए। हाल ही में हुई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी यह मांग उठाई थी जिसका कई नेताओं ने समर्थन किया था।

Sonia Gandhi

फिलहाल पहले भी ये देखा गया है कि, कांग्रेस का अध्यक्ष गांधी परिवार से रही अधिकतर रहा है, इसके बाहर के लोगों को इस पार्टी की कमान बहुत कम ही सौंपी गई है। दरअसल कांग्रेस के भीतर यह सोच है कि बगैर गांधी परिवार के पूरी तरह काबिज हुए पार्टी का पुनरुद्धार नहीं हो सकता है। अप्रैल में छत्तीसगढ़, राजस्थान, मध्य प्रदेश में राज्यसभा की कई सीटें खाली हो रही हैं। मोतीलाल वोरा, दिग्विजय सिंह, कुमारी शैलजा, मधुसूदन मिस्त्री और हुसैन दलवई जैसे कांग्रेसी राज्यसभा से रिटायर हो रहे हैं। कांग्रेस इन सीटों पर गांधी परिवार और उनके करीबियों को राज्यसभा भेजने की तैयारी में है।

कांग्रेसियों में असंतोष

फिलहाल पार्टी की आज की हालत काफी खराब चल रही है, ऐसे में पार्टी कार्यकर्ताओं को अब संजीवन बूटी की जरूरत है। क्योंकि लोकसभा राहुल गांधी के कदम से कदम मिलाकर खड़े रहने वाले उनके खास ज्योतिरादित्य सिंधिया भी अब भाजपा में जा चुके हैं। ऐसे में राहुल गांधी की नीतियों से लोगों का असंतोष बाहर आ रहा है। वहीं दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी अपनी आक्रामक शैली की वजह से अपना विस्तार कर रही है, जिसके जवाब में कांग्रेस की तरफ से कोई बड़ा कदम देखने को नहीं मिला है।

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प्रियंका गांधी को राज्यसभा भेजने की तैयारी

हालांकि पार्टी की तरफ से प्रियंका गांधी को सामने लाया जा रहा है, जिसकी बानगी इस बात से देखी जा सकती है कि, प्रियंका गांधी वाड्रा को राजस्थान से राज्यसभा में भेजने की तैयारी चल रही है। कांग्रेस पार्टी का मानना है कि राहुल गांधी लोकसभा में पहले से ही मोर्चा संभाले हुए हैं, लेकिन राज्‍यसभा में पार्टी को बीजेपी को जवाब देने के प्रियंका की ज़रूरत है। कांग्रेसी यह भी कह रहे हैं कि इंदिरा गांधी ने भी पहले राज्यसभा में ही प्रवेश किया था। इसी के चलते प्रियंका की शुरुआत भी ऐसी होनी चाहिए। अब देखना है कि कांग्रेसियों का ये कदम उनके भविष्य के लिए किस तरह काम करता है।