‘राफेल’ के फेर में फिर हो सकती है सरकार की फजीहत, राहुल गांधी ने दागे बड़े सवाल !

फ्रांस मे निर्मित 5 राफेल लड़ाकू विमान भारत पहुंच चुके हैं. इस बीच राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी से इस डील को लेकर बड़ा सवाल किया है. कांग्रेस ने 2019 लोकसभा चुनाव में राफेल को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया था. हालांकि वह इस भुनाने में कामयाब नही हो पाई थी. अब एक बार फिर राहुल गांधी ने सरकार से पूछा है कि 126 लड़ाकू विमान खरीदने की डील हुई थी लेकिन अब केवल 36 विमान खरीदे जा रहे हैं. इतनी ही नही उन्होंने सवाल किया है कि  विमान की कीमत 526 करोड़ रुपये से 1670 कैस पहुंची औऱ दिवालिया हो चुके अनिल की कंपनी को इसे बनाने का ठेका कैसे दिया गया.

राहुल गांधी

राफेल खरीद पर राहुल गांधी ने सरकार से सवाल किए हैं

फ्रांस से 5 राफेल फाइटर जेट्स के मिलते ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसके डील को लेकर मोदी सरकार से एक बार फिर बड़ा सवाल किया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा राफेल के लिए वायुसेना को बधाई. इस बीच सरकार क्या इसका जवाब दे सकती है- 1- एक विमान की कीमत 526 करोड़ रुपये से 1670 करोड़ रुपये कैसे पहुंची 2-126 विमान की जगह 36 विमान ही क्यों खरीदे गए. 3- हिन्दूस्तान एसोनॉटिक्स लिमिटेड के बजाय दिवालिया हो चुके अनिल को 30 हजार करोड़ रुपये का ठेका क्यों दिया गया.

राहुल गांधी 2016 से लगातार इस मुद्दे को उठाते आए हैं

राफेल का मामला काफी लंबे समय से भारतीय राजनीति में छाया हुआ है. दरअसल प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में 126 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीदने का मसौदा तैयार हुआ था. इसके तहत 18 राफेल विमानों को फ्रांस से खरीदा जाना था बाकी 108 विमानों का भारत में ही निर्माण होना था. हालांकि बात आखिर तक नही बन पाई और यह डील होने से रह गया.

2014 में सत्ता में आई बीजेपी के नेतृत्व वाली केन्द्र की सरकार ने इस डील को आगे बढ़ाया और 2016 में 126 की जगह 36 विमानों को खरीदने का समझौता हुआ. तब से ही इस मामले को राहुल गाँधी उठाते आ रहे हैं. उन्होंने लोकसभा चुनाव के दौरान भी इस डील में हुए कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा उठा था. मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा था.

शशि थरुर ने भी सरकार से सवाल किए हैं.

राहुल गांधी के अलावा सांसद शशि थरुर ने भी राफेल की कीमतों को लेकर सरकार से सवाल पूछा है-

उन्होंन ट्वीट कर पूछा है- ‘अब राफेल एयर फोर्स मे शामिल हो चुके हैं तो कुछ बातें याद रखनी चाहिए- 1 यूपीए ने ऱाफेल का चुनाव किया और 126 विमानों की डील की थी. 2- मोदी सरकार ने 126 विमानों को कम कर 36 कर दिया, शुरु में जिस लड़ाकू क्षमता की योजना बनी थी उसे भी कम किया और घरेलू उत्पादन को रद्द कर दिया. 3- ये इन 36 लड़ाकू विमानों की कीमत को लेकर गंभीर सवाल हैं.’

उधर कांग्रेस ने भी कीमत को लेकर फिर मोदी सरकार को घेरा

कांग्रेस पार्टी ने भी राफेल विमानों को लेकर कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे को एक बार फिर उठाया है. कांग्रेस के आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से राफेल की कीमत और उनकी संख्या को लेकर सवाल पूछे हैं. कांग्रेस ने एक वीडियो शेयर करते हुए ट्वीट किया है.

राफेल आगमन पर वायुसेना को बधाई देते हुए आप भाजपा सरकार की गड़बड़ियों पर सवाल कर रहे हो, तो समझना अभी आपमें देशभक्ति जिंदा है. जय हिंद.’

 

राफेल लड़ाकू विमान की पहली खेप पहुंची भारत

इससे पहले फ्रांस से राफेल लड़ाकू विमानों का पहला बेड़ा बुधवार को अम्बाला भारतयी वायुसैनिक अड्डे पहुंचा. इस बेड़े में 5 राफेल फाइटर जेट्स शामिल हैं. 7 हजार किलोमीटर की दूरी तय करते हुए यह विमान दोपहर करीब 3 बजे अम्बाला वायुसेना स्टेशन पर उतरे जहां पर पारी की बौछार से उन्हें परंपरागत सलामी दी गई. इस अवसर पर एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया भी उपस्थित रहे.