पंजाब सरकार ने तत्काल प्रभाव से 424 गणमान्य व्यक्तियों का ‘सुरक्षा कवर’ हटाया

पंजाब में भगवंत मान सरकार ने 424 से अधिक लोगों को मिलने वाले सुरक्षा कवर को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है और संबंधित पुलिस कर्मियों को जालंधर कैंट में विशेष डीजीपी को रिपोर्ट करने का निर्देश दिया।

पंजाब सरकार यह निर्णय शनिवार को 28 मई को लिया। सूची के अनुसार, जिन वीआईपी लोगों की सुरक्षा रद्द कर दी गई है, वे सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी, धार्मिक नेता और राजनीतिक नेता हैं। इस बीच पंजाब के पूर्व डीजीपी पीसी डोगरा और मजीठा विधायक गनीवे कौर का नाम भी इस सूची में शामिल किया गया है।

आम आदमी पार्टी की सरकार ने इस महीने की शुरुआत में सुरक्षा पाने वाले आठ लोगों की सुरक्षा में कटौती की थी।

हाल ही में आम आदमी पार्टी की सरकार ने अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल और पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ की सुरक्षा में कटौती की थी। इस बीच आठ लोगों में से पांच लोगों के पास जेड श्रेणी की सुरक्षा थी जबकि बाकी तीन के पास वाई प्लस सुरक्षा थी। उनकी सेवा में 127 पुलिस कर्मी और नौ वाहन शामिल हैं।

जिन नेताओं की सुरक्षा हटाई गई उनमें पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम ओपी सोनी, लोकसभा सांसद हरसिमरत कौर बादल, पूर्व कांग्रेस सांसद और अब भारतीय जनता पार्टी के नेता सुनील जाखड़ और पूर्व कैबिनेट मंत्री विजय इंदर सिंगला शामिल हैं।

हालांकि सूची में पूर्व विधान सभा सदस्य – परमिंदर सिंह पिंकी, राजिंदर कौर भट्टल, नवतेज सिंह चीमा और केवल सिंह ढिल्लियन भी शामिल थे।

यह पहली बार नहीं है जब पंजाब सरकार ने राज्य में वीआईपी के सुरक्षा कवर को रद्द कर दिया है। इससे पहले सरकार ने पूर्व विधायकों, सांसदों और मंत्रियों सहित 184 लोगों के सुरक्षा घेरे में कटौती की थी।