रुद्राक्ष माला के साथ प्रियंका गांधी पहुंची यूपी, निकाले जा रहे हैं ‘ये मतलब’

कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी बुधवार को जब देहरादून एयरपोर्ट पहुंची तो उनके हाथों में रुद्राक्ष की माला देखी गई। कहा जाता है कि राजनेता कोई भी काम किसी ना किसी खास मकसद से ही करते हैं। ऐसे में प्रियंका गांधी के हाथ में रुद्राक्ष की माला देख राजनीतिक गलियारे में इसके कई मायने निकालने जा रहे हैं। जहां कांग्रेस की तरफ से इसपर कहना है कि प्रियंका गांधी का यह व्यक्तिगत मामला है, वो ब्राह्मण परिवार से है, वो रुद्राक्ष माला ले सकती है, इसमें आपत्ति क्या है? बता दें कि कांग्रेस प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने कहा, “प्रियंकाजी एक ब्राह्मण परिवार से हैं और उन्हें मंदिर जाने या रुद्राक्ष माला धारण करने का पूरा अधिकार है। वह पंडित जवाहरलाल नेहरू के परिवार से हैं।”

हालांकि कांग्रेस इसको लेकर जो भी कहे लेकिन प्रियंका गांधी के हाथों में रुद्राक्ष की माला देख भारतीय जनता पार्टी ने इसे ड्रामा करार दिया है। वहीं इस मामले पर उत्तर प्रदेश के मंत्री बृजेश पाठक का कहना है कि, “प्रियंका का यूपी दौरा और मंदिर जाना भी एक राजनीतिक ड्रामा है। सुर्खियों में बने रहने की कोशिश में कुछ नेता इस तरह की बातें करते हैं, वही प्रियंका गांधी भी कर रही हैं। यह सब कानून और व्यवस्था की स्थिति को बिगाड़ने के लिए किया जा रहा है। वह वोट पाने के लिए अचानक हिंदू बन रही हैं।”

बता दें कि कांग्रेस की राजनीतिक हालत यूपी में काफी खराब है। ऐसे में माना जा रहा है कि वोटरों को लुभाने के लिए कांग्रेसी नेताओं द्वारा तरह-तरह के तरीके अपनाए जा रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि प्रियंका के हाथों में रुद्राक्ष की माला यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए है। कांग्रेस का निशाना यूपी में ब्राम्हण वोटों पर है, इसलिए वो रुद्राक्ष की माला लेकर चल रही हैं।

Rahul Gandhi Janeu

वहीं इससे पहले राहुल गांधी ने भी जनेऊ धारणकर खुद को ब्राम्हण बताया था। उन्होंने 2018 में कैलाश मानसरोवर की यात्रा भी की थी। उस दौरान अपनी इस यात्रा को लेकर राहुल गांधी ने एक रैली में कहा था कि, उनका जहाज कुछ दिन पहले हादसे से बच गया। इसलिए कर्नाटक चुनाव के बाद वो छुट्टी ले रहें हैं। छुट्टी लेकर वो कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाएंगे। गौरतलब है कि 2018 में कर्नाटक में चुनाव प्रचार के दौरान उनके हवाई जहाज में तकनीकी खराबी आ गई थी। तब उन्होंने कैलाश मानसरोवर की यात्रा की मन्नत मांगी थी।