पुलिस से दो कदम आगे निकल कर यूपी में घटना को अंजाम दे रहे हैं अपराधी? दो बड़ी घटनाओं से दहल उठा यूपी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही क्राइम पर रोक लगाने का दावा करते हो, सैकड़ों अपराधियों का एनकाउंटर करवा चुके हो लेकिन प्रदेश में गुनाह रुकने का नाम ही नही ले रहा है. वो भी छोटे-छोटे नही बल्कि ऐसे गुनाह की रूह काँप जाए. जी हाँ अभी कानपुर की घटना को हुए वक्त नही बीता कि अब प्रयागराज में एक सामूहिक हत्या का मामला चर्चा में है.

दरअसल मिली जानकारी के मुताबिक प्रयागराज में तीन जुलाई को एक ही परिवार के चार लोगों को उनके ही घर में बेरहमी से कत्ल कर दिया गया. ख़बरों की माने तो घर पर ही क्लीनिक चलाने वाले विमलेश पांडेय, बेटे प्रिंस, दो बेटियों सृष्टि और श्रेया को धारदार हथियार से हमला कर मौत के घाट उतारा गया था. विमलेश की पत्नी रचना पांडेय गंभीर रूप से जख्मी हुई थीं उन्हें अब भी वेंटिलेटर पर रखा गया है. वहीँ पुलिस के हाथ अभी भी खाली है. ना सिर्फ पुलिस के हाथ खाली है बल्कि पुलिस ने तो जैसे हाथ खड़े कर दिए हो.

पुलिस ने अपनी छानबीन में पाया कि घर में ना तो किसी तरह की डकैती हुई है और ना ही परिवार के किसी सदस्य के साथ दुष्कर्म! शुरुवात में पुलिस को डकैत या दुष्कर्म का अनुमान था लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की बात सामने नही आई है. साथ ही ये भी बताया गया कि परिवार का किसी के साथ रंजिश भी नही थी. इसके बाद पुलिस की साड़ी थ्योरी ही फेल हो गयी. पुलिस ने अब इस मामले की जांच के लिए एसटीएफ की मदद लेने का फैसला किया है.

वहीँ उत्तर प्रदेश में एक के बाद दो बड़ी और निर्मम घटनाओं ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है. कानपुर में हुई घटना में आठ पुलिस के जवानों की जान लेने वाला गुंडा विकास दूबे अभी भी पुलिस की पकड़ बाहर है. पुलिस के हाथ अब तक कोई कामयाबी हाथ नही लग पाई है वहीँ दूसरी तरफ प्रयागराज में हुई घटना के बाद भी पुलिस के हाथ खाली है. तो क्या उत्तर प्रदेश पुलिस अब गुनाहगारों को पकड़ने में फेल हो रही है या फिर गुनहगार पुलिस से एक कदम आगे निकल चुके हैं और पुलिस भी भी उसके पीछे हैं.

कोरोनावायरस के बीच उत्तर प्रदेश में जिस तरह एक के बाद एक कई बड़े अपराध हुए हैं. उन्हें देखते हुए यही कहा जा सकता है कि गुनहगारों में पुलिस का खौफ नही है. तो क्या यही वजह है कि अपराधी इतने घिनौने अपराध को अंजाम दे रहे हैं? कानपुर की घटना का मास्टरमाइंड तक पुलिस के हाथ नही पहुंचे और प्रयागराज की घटना में पुलिस के हाथ भी तक खाली है. तो क्या इससे यही समझा जाए कि अभी भी पुलिस गुनहगारों को खोजने में नाकाम है?

प्रयागराज की घटना को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोग जमकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. हालाँकि सी दौरान तरह की अफवाहें भी फैलाई जा रही है. हालाँकि इस मामले में पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए कहा कि अपवाह ना फैलाएं वरना कठोर कार्रवाई की जायेगी.