प्रधानमंत्री के संबोधन पर सबका अनुमान हुआ फेल, लेकर आये ऐसी योजना कि पूरा विश्व हैरत में

आज सुबह से लोग यही कयास लगा रहे थे कि अपने संबोधन में प्रधानमंत्री क्या बोलने वाले हैं. कोई कह रहा था कि चीन को जवाब देंगे, तो कोई ये सोच रहा था कि चाइनीज एप्प बैन करने पर पीएम मोदी कुछ बोलेंगे, कुछ तो ये भी कह रहे थे कि विपक्ष के आरोपों पर भी प्रधानमंत्री कुछ बोल सकते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री का जब भाषण शुरू हुआ तब ही ये लग गया था कि ऐसा कुछ नही होने वाला.

दरअसल प्रधानमंत्री मोदी ने जब अपने भाषण की शुरुवात की तो उन्होंने लोगों से कोरोना के इस काल में लापरवाही ना बरतने की अपील की. उन्होंने ये भी कहा कि बेशक हम कोरोना के मामले में अन्य देशों से सुरक्षित हैं लेकिन सावधानी तो रखनी ही होगी. वहीँ इसके बाद प्रधानमंत्री ने गरीबों के हित की बात की. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही कि ऐसी स्थिति न आए कि किसी गरीब के घर में चूल्हा न जले. केंद्र सरकार हो, राज्य सरकारें हों या फिर सिविल सोसायटी के लोग, सभी ने पूरा प्रयास किया कि इतने बड़े देश में हमारा कोई गरीब भाई-बहन भूखा न सोए.

दरअसल लॉकडाउन की शुरुवात में मोदी सरकार एक योजना लेकर आई थी जिसके तरह सभी को पांच किलो राशन देने का प्रावधान था. इसी बारे में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का विस्तार अब दीवाली और छठ पूजा तक, यानि नवंबर महीने के आखिर तक कर दिया गया है. यानि 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज देने वाली ये योजना अगले 5 महीने जुलाई से नवंबर तक लागू रहेगी.सरकार द्वारा इन 5 महीनों में, 80 करोड़ से ज्यादा गरीब भाई-बहनों को हर महीने, परिवार के हर सदस्य को 5 किलो गेहूं या चावल मुफ्त मुहैया कराया जाएगा. साथ ही प्रत्येक परिवार को हर महीने एक किलो चना भी मुफ्त दिया जाएगा. जिसका कुल खर्च 90 हजार करोड़ रूपये आने वाला है.

ऐसी योजना कि पूरा विश्व कर रहा है आश्चर्य!

दरअसल प्रधानमंत्री के संबोधन से कुछ वक्त पहले ही राहुल गाँधी ने मांग की थी कि सभी गरीब परिवारों के अकाउंट में 7500 रूपये डाले जाए. इसके साथ कई मुद्दों पर कांग्रेस सरकार को घेरने में लगी है खासकर चीन के मुद्दे पर. हालाँकि प्रधानमंत्री मोदी ने इन सब बातों की चर्चा तक नही थी. उन्होंने गरीबों के लिए ऐसी योजना का एलान कर दिया, जिससे पूरा विश्व आश्चर्य की नजर से देख रहा है. दरअसल प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि कोरोना से लड़ते हुए भारत में, 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को 3 महीने का राशन, यानि परिवार के हर सदस्य को 5 किलो गेहूं या चावल मुफ्त दिया गया. 80 करोड़ से अधिक मतलब कई देशों की जनसख्या से दोगुना और तीनगुना से अधिक लोगों को सरकार ने तीन महीने तक राशन उपलब्ध करवाया, ये अपने आप में एक बड़ी बात है.

जब संबोधन में किया अप्रत्यक्ष रूप से बिहार का जिक्र 

अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री बिहार का जिक्र करना नही भूले, हालाँकि बिहार का जिक्र सीधे तौर पर तो नही किया लेकिन त्योहारों का नाम लेकर उन्होंने बिहार का जिक्र जरूर कर दिया है. दरअसल प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि हमारे देश में वर्षा ऋतु के दौरान और उसके बाद मुख्य तौर पर कृषि क्षेत्र में ही ज्यादा काम होता है. अन्य दूसरे सेक्टरों में थोड़ी सुस्ती रहती है. जुलाई से धीरे-धीरे त्योहारों का भी माहौल बनने लगता है. अभी 5 जुलाई को गुरु पूर्णिमा है, फिर सावन शुरू हो रहा है. इसके बाद त्योहारों की मानों लाइन लग जाती है. हालाँकि इन्ही त्यौहार का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने बिहार में सबसे अधिक मनाये जाने वाले त्यौहार छठ पूजा का जिक्र किया, साथ में उन्होंने ये भी कहा कि त्यौहार के महीन में कोई किसान भूखा न रहे. इन बातों का जिक्र कर प्रधानमंत्री मोदी ने कहीं ना कहीं ये जता दिया है कि उनकी नजर बिहार के लोगों पर भी हैं. साथ में आपको ये भी बता दें कि आने वाले साल में बिहार में विधानसभा चुनाव भी होने वाले हैं. अब प्रधानमंत्री मोदी का गरीबों के प्रति ये सोचना गरीबों में कहीं न कहीं सकारात्मक विचार लेकर जरूर जाएगा.

सांसद हो या विधायक, सबके लिए एक कानून 

वहीँ प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में एक घटना का जिक्र कर ये बता दिया है कि कानून तोड़ने वाले लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए चाहे वो इंसान कोई भी हो. प्रधानमंत्री ने कहा कि आपने खबरों में देखा होगा, एक देश के प्रधानमंत्री पर 13 हजार रुपए का जुर्माना इसलिए लग गया, क्योंकि वो सार्वजनिक जगह पर बिना मास्क पहने गए थे. भारत में भी स्थानीय प्रशासन को इसी चुस्ती से काम करना चाहिए. भारत में गांव का प्रधान हो या देश का प्रधानमंत्री, कोई भी नियमों से ऊपर नहीं है. पीएम मोदी के इस बयान ये स्पष्ट हो जाता है कि वे सभी को एक नजर से देखते हैं और सभी पर एक जैसी कार्रवाई की कामना रखते हैं, कहीं न कहीं ये बात भी लोगों को छू जरूर गयी होगी.

एक देश एक राशन कार्ड, प्रवासी मजदूरों को मिलेगा फायदा 

इसी के साथ प्रधानमंत्री ने कहा कि अब पूरे देश में एक राशन कार्ड लागू होने जा रहा है. किसी भी राज्य के राशन कार्ड से भारत के किसी भी राज्य में राशन लिया जा सकेगा. इसका सीधा फायदा प्रवासी मजदूरों को मिलने वाला है. वहीँ प्रधानमंत्री मोदी ने देश के किसानों, और इमानदारी से टैक्स देने वालों को धन्यवाद देना नही भूले. उन्होंने कहा कि आज गरीब को, ज़रूरतमंद को, सरकार अगर मुफ्त अनाज दे पा रही है तो इसका श्रेय इन्ही दो वर्गों को जाता है.

वहीँ विपक्ष के सवालों और आरोपों पर प्रधानमंत्री मोदी ने कोई जवाब ना देकर ये बता दिया कि आरोप और सवाल से उनपर कोई फर्क नही पड़ने वाला है. दरअसल प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन से पहले राहुल गाँधी ने गरीबों के खाते में 7500 रूपये डालने की मांग की तो प्रधानमंत्री ने अपनी एक ऐसी योजना लेकर देशवासियों के सामने प्रकट हुए, जिसे जानकार पूरी दुनिया हैरान है.
वहीँ लोगों का अनुमान ये भी था कि प्रधानमंत्री मोदी चाइनीज एप्प पर भी अपनी बात रख सकते हैं, चीन के रवैये पर भी अपनी बात रख सकते हैं, युवाओं को प्रेरित कर सकते हैं लेकिन हर बार की तरह इस बार भी प्रधानमंत्री का संबोधन भी सबसे अलग रहा.

(निजी विचार)