पाकिस्तानी गेंदबाज शोएब अख्तर ने देश की सेना के लिए ऐसी बात बोली है कि प्रधानमंत्री इमरान खान सकते में आ जायेगें.

पाकिस्तान इन दिनों अपने यहां गंभीर आर्थिक तंगी से जूझ रहा है. कोरोना वायरस से लड़ाई में प्रधानमंत्री इमरान खान खुद विश्व के देशों से कई बार आर्थिक मदद की अपील कर चुके हैं. इस बीच पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने ऐसा बयान दिया है कि प्रधानमंत्री इमरान खान सकते में आ जायेगें. दिग्गज गेंदबाजों में शुमार शोएब ने अपने देश की सेना के बजट को लेकर कहा है कि वह पाकिस्तान की सेना का बजट बढ़ाने के लिए घास तक खाने को तैयार हैं. शोएब अख्तर के इस बयान के बाद लोग पाकिस्तानी सेना के दयनीय स्थिति को लेकर बात करने लगे हैं. बता दें कि कुछ दिनों पहले ही इमरान खान ने कहा था कि कोरोना वायरस के काऱण अगर पाकिस्तान में लॉकडाउन लगाया जाता है तो लोग भूखे मर जायेगें.

शोएब अख्तर

घास खा लेगें लेकिन सेना का बजट बढ़ायेगें

शोएब अख्तर को मैदान में उनके आतिशी गेंदबाजी के लिए जाना जाता है लेकिन वह अब मैदान से बाहर भी धमाकेदार बयानबाजी कर रहे हैं. शोएब ने हाल ही में एक न्यूज चैनल से बात करते हुए कहा कि पाकिस्तान की सेना के बजट में बढ़ोत्तरी होनी चाहिए.

44 वर्षीय अख्तर ने एआरवाई न्यूज चैनल से इंटरव्यू के दौरान कहा कि ‘’अगर अल्लाह कभी मुझे अधिकार देता है, तो मैं खुद घास खाऊंगा लेकिन सेना का बजट बढ़ा दूंगा.’’  उन्होंने यह भी कहा कि असैन्य क्षेत्रों के लोगों को सशस्त्र बलों के साथ मिलकर काम करना चाहिए. अख्तर ने कहा मैं अपने सेना प्रमुख को अपने साथ बैंठने और निर्णय लेने के लिए कहूंगा. अगर बजट 20 प्रतिशत है, तो मैं इसे 60 प्रतिशत करूंगा.

अपने देश के लिए गोली खाने को तैयार, पहले भी कर चुके हैं दावा

यह पहली बार नही है जब रावलपिंडी के नाम से मशहूर शोएब अख्तर ने सेना के लिए ऐसी बात की है. इससे पहले दावा किया था कि नॉटिंघंमशायर के लिए काउंटी क्रिकेट खेलने के लिए उन्होंने 175,000 पाउंड के अनुबंध को ठुकरा दिया था जिससे की वह कारगिल युद्ध में लड़ सकें.गौरतलब है कि भारत औऱ पाकिस्तान के बीच वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध हुआ था.

शोएब अख्तर ने पाकिस्तान के लिए खेलते हुए अपने कैरियर में 46 टेस्ट में 178 और 163 वनडे में 247 विकेट लिए हैं. उन्होंने 15 टी-20 इंटरनेशनल मैचों में भी 19 विकेट लिए हैं.

तेज गैंदबाज शोएब अख्तर

पाकिस्तान में सेना तय करती है बजट में कितना हिस्सा लेना है

शोएब अख्तर जो भी कह रहें हों लेकिन पाकिस्तान में आर्थिक हालत खस्ता होने के बावजूद खुद सेना ही देश के बजट में अपना हिस्सा तय करती है. यहां तक की पाकिस्तान में रक्षा बजट की हिस्सेदारी कुल बजट में 50 प्रतिशत तक पहुंच जाती है. बता दें कि पाकिस्तान ने 2020-21 के लिए डिफेंस पर 1.28 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपये खर्च करने का बजट रखा है.

बावजूद इसके शोएब अख्तर कह रहे हैं कि देश की सेना के बजट में बढ़ोत्तरी होनी चाहिए. इसका सीधा सा मतलब है पाकिस्तान भारत को अपना बड़ा दुश्मन मानता है. हालांकि अफगानिस्तान और ईरान के साथ भी उसके संबंध अच्छे नही है. इसके अलावा वह गृहयुद्ध से भी जूझ रहा है.