इस्लामिक देशों से फटकार खाने के बाद पाकिस्तानी विदेश मंत्री पहुंचे चीन की शरण में, लेकिन हो गई घनघोर बेइज्जती

पाकिस्तान अपने दोगलेपन से बाज नही आ रहा है, यही कारण है कि उसे हर जगह बेइज्जती झेलनी पड़ती है. सऊदी अरब के बाद अब चीन ने पाकिस्तान की घनघोर बेइज्जती की है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी चीन की दो दिवसीय यात्रा पर हैं. इस दौरान जब वह चीन के एय़रपोर्ट पर पहुंचे तो वहां पर उनकी अगवानी के लिए एक मामूली पुलिस का हवलदार पहुंचा हुआ था. शाह महमूद कुरैशी के लिए यह किसी अपमान से कम नही है. इस वीडियो के वायरल होने के बाद पूरी दुनिया में पाकिस्तानी विदेश मंत्री की किरकिरी हो रही है.

पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी

पाकिस्तानी विदेश मंत्री की चीन में घनघोर बेइज्जती

पाकिस्तान की आर्थिक हालत इस समय खस्ता है वह विदेशी कर्जे में इस कदर डूबा है कि उसे कोई भी देश अब कर्ज देनें में भी हिचकिचा रहा है. इसके अलावा पाकिस्तान अपने यहां चलने वाली आर्थिक गतिविधियों के लिए काफी हद तक चीन पर निर्भर है. विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी इसी सिलसिले में चीन की एक दिवसीय यात्रा पर हैं हालांकि इस दौरान चीन उन्हें भिखारी समझते हुए घनघोर बेइज्जती की है. शाह महमूद कुरैशी को चीनी एयरपोर्ट पर रिसीव करने के लिए कोई सरकारी मंत्री तो दूर एक अधिकारी तक नही आया. उन्हें रिसीव करने के लिए एक साधारण हवलदार भेजा गया था. इस घटना का वीडीयो वायरल होने के बाद पूरी दुनिया मे पाकिस्तान की बेइज्जती हो रही है.

अमूमन यह देखा जाता है कि प्रोटोकॉल के तहत जब किसी देश के विदेश मंत्री विदेशी दौरे पर जाते हैं तो उस एयपपोर्ट पर उनका स्वागत विदेश मंत्री या फिर उनके समकक्ष अधिकारी करते हैं. लेकिन पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को इस कदर बेइज्जत किया जायेगा किसी ने सोचा नही था. सोशल मीडिया पर अब पाकिस्तानी विदेश मंत्री को जमकर ट्रोल किया जा रहा है.

चीन जाने से पहले जारी किया था वीडियो

शाह महमूद कुरैशी चीन के लिए निकलने से पहले एक वीडियो जारी कर कहा था कि वह चीन की बहुत ही महत्वपूर्ण यात्रा पर जा रहे हैं और यात्रा से पहले प्रधानमंत्री इमरान खान से उनकी चर्चा हुई है. कुरैशी ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ मेरी मुलाकात दोनों देशों के लिए फायदेमंद साबित होगी.

बता दें कि पाकिस्तान पर आतंकियों के प्रति नरमी बरतने के आरोप लगते रहे हैं. इसके अलावा उस पर यह आरोप भी हैं कि विदेशी आर्थिक मदद का एक बड़ा हिस्सा वह आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने में खर्च करता है. चीन यह बात भलीभांति समझता है कि पाकिस्तानी विदेश मंत्री पैसे की लालच मे यहां पहुचे हैं क्योंकि उसकी मदद के लिए कोई भी देश आगे नही आ रहा है. यही कारण है कि वह पाकिस्तान को अपनी अहमियत दिखाना चाहता है.

सऊदी अरब सहित इस्लामिक देशों ने लगाई फटकार

पाकिस्तान के भारत के साथ रिश्ते खराब तो चल ही रहे हैं, सऊदी अरब के साथ भी उसके रिश्तों में खटास आ गई है. कश्मीर पर आर्गेनाइजेशऩ ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन की बैठक को लेकर सऊदी अरब का साथ न मिलने से पाकिस्तान बैखलाया हुआ है. दरअसल पाकिस्तान ओआईसी में कश्मीर का मुद्दा उठाना चाहता है लेकिन सऊदी अरब सहित अन्य इस्लामिक देश इसके लिए तैयार नही है. इस्लामिक देशों में दाल न गलने के बाद पाकिस्तान अब चीन की शरण में पहुचा है. हालांकि चीन पहुंचते ही पाकिस्तान की ऐसी  बेइज्जती हो गई है कि वह धन लेना दो दूर चीन जाने की भी नही सोचेगा.