हैक हुआ पाकिस्तान का मशहूर न्यूज चैनल ‘डॉन’.. तिरंगा दिखने पर उड़े पाकिस्तानियों के होश !

पाकिस्तान और भारत के बीच तनातनी जगजाहिर है. इस बीच पाकिस्तान में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब वहां के प्रमुख टीवी न्यूज चैनल की स्क्रीन पर कुछ देर के लिए तिरंगा लहराने लगा. तिरंगे के साथ ही उस पर हैप्पी इंडिपडेंस डे लिख कर आ रहा था. अचानक हुए इस घटना के बाद किसी को कुछ समझ में नही आ रहा था कि क्या हो रहा है. बाद में पता चला कि न्यूज चैनल को हैकर्स ने निशाना बनाया है. पाकिस्तान इस हैंकिंग के पीछे भारतीय हैकर्स का हाथ मान रहा है. आइए जानते हैं क्या पूरी घटना.

पाकिस्तानी न्यूज चैनल को हैकर्स ने बनाया निशाना

इस समय भारत का पड़ोसी देशों के साथ सब कुछ अच्छा नहीं चल रहा है इस बीच पाकिस्तान में कुछ ऐसा हुआ कि वहां के लोग सकते में आ गए. पाकिस्तान के न्यूज चैनल डॉन की स्क्रीन पर अचानक भारतीय तिरंगा नजर आने लगा, जिस पर ‘हैप्पी इंडिपेंडेंस डे’ लिखा था. पहले तो किसी को कुछ समझ में  नहीं आया कि क्या हो रहा है, हालांकि बाद में पता चला कि हैकरों ने न्यूज चैनल को हैक कर लिया हैं.

वीडियो में नजर आ रहा है कि 3.30 के आस-पास न्यूज चैनल पर विज्ञापन का प्रसारण हो रहा था. उसी दौरान टीवी की स्क्रीन पर तिरंगा लहराने लगा. हालांकि यह कितनी देर तक स्क्रीन पर था अभी इसकी पुष्टि नही हो पाई है. सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो जमकर वायरल हो रहा है.

मामले के जांच के आदेश दिए गए

इस घटना में भारतीय तिरंगा के लहराने के बाद पाकिस्तान में तरह-तरह की अटकलें लगनी तेज हो गई हैं. उधर पाकिस्तान के मीडिया समूह ने डॉन न्यूज चैनल की स्क्रीन पर भारतीय तिरंगा लहराने की पुष्टि की है. इसके साथ ही मामले के जांच के आदेश दे दिये गए हैं.

चैनल ने उर्दू में ट्वीट कर बताया कि- हमने मामले की जांच के आदेश दिए हैं. हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर ऐसा हुआ कैसे? जैसे ही हमें कोई जानकारी मिलती है, हम अपने दर्शकों को सूचित करेंगे.

पाकिस्तान में लोगों का कहना है यह भारतीय हैकर्स की करतूत है तो वहीं पाकिस्तान मीडिया ने भी इससे इंकार नही किया है. डॉन न्यूज ने कहा है कि हैकर्स परेशान कर रहे हैं. एक बयान जारी करते हुए डॉन ने आरोप लगाया है कि इससे पहले भी चैनल के सिस्टम पर भारतीय हैकर्स हमला करते रहे हैं. चैनल ने कहा कि हमारे टेक्नीशियन ने कुछ ही मिनटों में स्थिति मे काबू पा लिया. बता दें कि यह कोई पहला मौका नही है जब हैकर्स ने मीडिया या सरकारी संस्थानों को निशाना बनाया हो.