विपक्ष ने राजस्थान की पूर्व राज्यपाल मार्गरेट अल्वा को बनाया अपना संयुक्त उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार

पूर्व केंद्रीय मंत्री और राज्यपाल मार्गरेट अल्वा को विपक्षी दलों ने होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार बनाया है।

एक दिन पहले, भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया।

6 अगस्त को होने वाले चुनाव के लिए आवेदन जमा करने के अंतिम दिन मंगलवार 19 जुलाई को पूर्व मंत्री अल्वा (80) अपना नामांकन दाखिल करेंगी।

अल्वा ने राजस्थान के 20वें राज्यपाल के रूप में कार्य किया; राजस्थान एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जगदीप धनखड़ का गृह राज्य भी है। कैबिनेट मंत्री होने के साथ, उन्होंने गोवा के 17 वें राज्यपाल, गुजरात के 23 वें राज्यपाल और उत्तराखंड के चौथे राज्यपाल के पद भी संभाले हैं।

उन्होंने कहा,“भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए संयुक्त विपक्ष के उम्मीदवार के रूप में नामित होना एक विशेषाधिकार और सम्मान की बात है। मैं इस नामांकन को बड़ी विनम्रता के साथ स्वीकार करती हूं और विपक्ष के नेताओं को धन्यवाद देती हूं कि उन्होंने मुझ पर विश्वास किया है।”

राकांपा अध्यक्ष शरद पवार के घर हुई विपक्ष की बैठक में अल्वा को नामित किया गया था। इनमें कांग्रेस के प्रमुख नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और जयराम रमेश, राकांपा की सुप्रिया सुले, सपा के रामगोपाल यादव, माकपा के सीताराम येचुरी, राजद के एडी सिंह और शिवसेना सांसद संजय राउत शामिल थे।

हालांकि टीएमसी और आप बैठक में शामिल नहीं हुए। पवार ने कहा, “हमने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन वह किसी सम्मेलन में व्यस्त थीं। हमने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल से भी संपर्क करने की कोशिश की। उन्होंने कुछ दिन पहले (यशवंत सिन्हा के लिए) समर्थन की घोषणा की और जल्द ही (मार्गरेट अल्वा के लिए) अपने समर्थन की घोषणा करेंगे।”