उत्तर कोरियाई तानाशाह फिर मुसीबत में, दावा किया जा रहा है कि किम जोंग उन कोमा में चला गया है?

उत्तर कोरिया का तानाशाह किम जोंग उन एक बार फिर मुसीबत में है. कोरोना महामारी के दौरान खबर आई थी कि किम जोंग उन की मौत हो गई है. हालांकि बाद मे यह खबर झूठी निकली. अब एक खबर में दावा किया गया है कि किम जोंग कोमा में चला गया है. माना जा रहा है कि अभी तक जो शक्तियां किम जोंग उन के पास थीं वह सभी उनकी बहन को मिल गई हैं औऱ वह देश की सत्ता संभाल रही हैं. बता दें कि उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग उन हमेशा अपनी लक्जरी लाइफ और तानाशाही फरमान के लिए खबरों में रहता है. हालांकि पिछले कुछ दिनों से वह बहुत कम दिखाई दे रहा है.

कोरियाई शासक किम जोंग उन कोमा में

ब्रिटिश अखबार एक्सप्रेस ने दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति किम डे जुंग के एक करीबी के हवाले से बताया है कि किम जोंग कोमा में चले गए हैं. हालांकि अभी वह जीवित हैं. बता दें कि इससे पहले दावा किया गया था कि दिल की सर्जरी में गड़बड़ी होने के बाद किम या तो बीमार है या उनकी मौत हो चुकी है. इस खबर के कुछ दिनों बाद ही तानाशाह किम फर्टिलाइजर प्लांट के उद्घाटन अवसर पर देखा गया था और यह खबर गलत साबित हुई थी. किम जोंग उन के कोमा में जाने की खबर की पूरी तरह से पुष्टि नही हो पाई है.

बहन किम यो जोंग को दी गई शक्तियां 

खबरों मे बताया गया है कि उत्तराधिकार की योजना अभी पूरी तरह से तैयार नही है और किम की गैरहाजिरी में सत्ता ज्यादा वक्त तक खाली न रहे इसलिए तानाशाह की बहन को कुछ शक्तियां दी गई है. किम जो जोंग को जिम्मेदारी दी गई है उसमें अमेरिका के साथ संबंध भी शामिल है. बाढ़ और कोरोना वायरस के काऱण उत्तर कोरिया की अर्थव्यवस्था पिछले दो दशक से डांवाडोल चल रही है.

किम के मरने से होंगी आत्महत्याएं

किम जोंग उन को लेकर आशंका जताई जा रही है कि देश के शासक की मौत के बाद स्थिति बिगड़ सकती है और उत्तर कोरिया बरबादी की ओर अग्रसर हो सकता है. इसकी वजह उसकी लोकप्रियता औऱ तानाशाही रवैये को माना जा रहा है. किम जोंग उन भले ही एक क्रूर शासक हो लेकिन अपने देश में उसकी पहचान पूर्व के शासकों की अपेक्षा बेहद दयालु राष्ट्राध्यक्ष की बनी हुई है. उसने जन कल्याण के लिए कई अभूतपूर्व कदम उठाए हैं.

दुनिया भर के तानाशाहों पर किताब लिखने वाले लेखक क्रिस मिकुल मानते हैं कि अगर किम की मौत होती है तो इससे उत्तर कोरिया बरबाद हो जायेगा क्योंकि वहां बड़े पैमाने पर आत्महत्याएं होगीं जिन्हें रोकना मुश्किल होगा.