नोबेल-2020: इस साल का नोबेल शांति पुरस्कार ‘वर्ल्ड फूड प्रोग्राम’ को दिया गया है, जानिए क्या करती है यह एजेंसी !

वर्ष 2020 के लिए नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा कर दी गई है. इस साल यह सम्मान दुनिया को भूख के खिलाफ जंग लड़ने वाली संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था वर्ल्ड फूड प्रोग्राम को दिया गया है. शांति पुरस्कार के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग सहित 300 से ज्यादा नाम शामिल थे लेकिन नोबेल शांति समिति ने दुनिया में भुखमरी मिटाने की मुहिम में जुटी WFP को इस पुरस्कार के लिए चुना है.

नोबेल शांति पुरस्कार 2020
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वर्ल्ड फूड प्रोग्राम को मिला नोबेल शांति पुरस्कार

साल 2020 के लिए नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा कर दी गई है. पूरी दुनिया की नजरें शांति के लिए दिए जाने वाले विश्व के सबसे बड़े पुरस्कार पर टिकी हुई थीं. नोबेल पुरस्कार समिति ने अवार्ड की घोषणा करते हुए कहा कि वर्ल्ड फूड प्रोग्राम जिस तरह से भूख के खिलाफ एक बड़ी जंग लड़ रहा है, उससे वह इसका हकदार है. समिति ने संघर्ष से प्रभावित क्षेत्रों में शांति और युद्ध के हथियार के रुप में भूख के उपयोग को रोकने के लिए किए गए प्रयासों पर WFP की सराहना की.

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बता दें कि विश्व खाद्य कार्यक्रम दुनिया का सबसे बड़ा मानवीय संगठन है. यह भूख के खिलाफ जंग लड़ता है और खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देता है. 2019 में WFP  ने 88 देशों मे करीब 100 मिलियन लोगों को सहायता प्रदान करता है. इस पुरस्कार के तहत 11 लाख डॉलर की ईनाम राशि दी जाती है. पिछले साल का शांति का नोबेल पुरस्कार इथोपिया के प्रधानमंत्री अबे अहमद को दिया गया था.

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300 लोगों को नामित किया गया था

इस वर्ष पुरस्कार के लिए 211 व्यक्तियों और 107 संगठनों को नामित किया गया था. माना जा रहा था कि इस वर्ष यह पुरस्कार विश्व स्वास्थ्य और जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग को मिलेगा लेकिन ऐसा नही हुआ. विश्व खाद्य कार्यक्रम भुखमरी मिटाने और खाद्य सुरक्षा पर केन्द्रित संयुक्त राष्ट्र एजेंसी है. यह विश्व भर में आपात स्थितियों में जरुरतमंद लोगों तक खाद्य सामग्री पहुंचाने का काम करती है. खास कर युद्ध और प्राकृतिक आपदाओं में.