भारत से पंगा लेने के चक्कर में चीन से ही मात खा गए ‘केपी शर्मा ओली’ !

इस्तीफे के लिए बढ़ते दबाव के बीच नेपाली प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने वहां के सेना प्रमुख से बात की है. जिससे नेपाल में राजनीतिक संकट औऱ गहराने जा रहा है. चीन के इशारे पर भारतीय क्षेत्र को नेपाली नक्शे में दिखाने के बाद से ही केपी शर्मा ओली की मुश्किलें बढ़ती जा रही है. नेपाली पीएम ने चीन का दांव भारत पर आजमाने की कोशिश लेकिन चीन से ही मात खा बैठे. भारत से सीमा विवाद के बीच चीन ने नेपाल के कई हिस्सों में घुसपैठ की. इन सभी नीतियों की वजह से केपी शर्मा ओली पार्टी के निशाने पर आ गए. नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के सह-अध्यक्ष पुष्प कमल दहल ने ओली पर सरकार चलाने में असफल रहने के कारण इस्तीफा देने का दबाव बनाया और तब से ओली हैरान-परेशान हैं. पुष्प कमल दहल उर्फ प्रचंड ने कहा कि नेपाल में पाकिस्तान की तरह सरकार चलाने की कोशिश हो सकती है, जिसे सफल नहीं होने दिया जाएगा.

केपी शर्मा ओली औऱ जनरल पूर्ण चन्द्र थापा

प्रचंड का आरोप सत्ता बचाने के लिए सेना का सहारा ले रहे हैं ‘ओली’

नेपाली प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली पर अपनी सत्ता बचाने के लिए सेना का सहारा लेने का आरोप लग रहा है. खबर के अनुसार केपी शर्मा ओली ने इस्तीफे के संकट के बीच नेपाली सेना अध्यक्ष जनरल पूर्ण चन्द्र थापा से बात की है. इससे पहले पार्टी के सह-अध्यक्ष और ओली से इस्तीफा मांग रहे पुष्प कमल दहल से उनकी बातचीत बेनतीजा समाप्त हुई थी.

यहां पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या नेपाली सरकार अपनी सत्ता बचाने के लिए सेना की मदद लेने जा रही है. क्या चीन से दोस्ती ओली को भारी पड़ गई. अभी के संदर्भ में यही लग रहा है. दरअसल चीन के इशारे पर ही नेपाली सरकार ने भारतीय क्षेत्र को अपने नक्शे में दिखाने की कोशिश की थी. लेकिन नेपाल उसी चीन से मात खा बैठा. भारत से सीमा विवाद के बीच चीन ने नेपाल में घुसपैठ कर दिया. केपी शर्मा ओली यहीं असफल हो गए और पुष्प कमल दहल के निशाने पर आ गए. प्रचंड ने ओली पर इस्तीफा देने का दबाव बनाते हुए कहा कि नेपाल में पाकिस्तान की तर्ज पर शासन नही चलने दिया जायेगा. उन्होंने कहा पीएम ओली सत्ता में बने रहने के लिए पाकिस्तानी, बाग्लांदेशी या फिर अफगानी मॉडल अपना सकते हैं लेकिन उन्हें कामयाब नही होने दिया जायेगा.

नेपाल कम्यूनिस्ट पार्टी टूटने की कगार पर

नेपाल कम्यूनिस्ट पार्टी में कलह इस कदर बढ़ गई है कि प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली किसी भी हद तक जा सकते हैं. अटकलों की मानें तो अपनी सत्ता बचाने के लिए वह पार्टी के विभाजन से भी नही हिचकिचायेंगे. इसके अलावा पुष्प कमल दहल प्रचंड को जेल भी भेजा जा सकता है. इसी कड़ी में केपी शर्मा ओली ने अपने मंत्रीमंडल के सहयोगियों से बात करते हुए कहा है कि वह हर स्थिति के लिए तैयार रहे. उनका इशारा पार्टी में फूट होने की ओर था. पुष्प कमल दहल प्रचंड पहले ही कह चुके हैं ओली सरकार उन्हें भ्रष्टाचार के नाम पर जेल भेजने की तैयारी कर रही है लेकिन यह इतना आसान नही है. उन्होंने कहा सेना के साथ या विपक्ष के साथ गठबंधन करके सरकार नही चलायी जा सकती. न ही पार्टी में विभाजन के द्वारा सरकार चलाय़ी जा सकती .बता दें कि कुछ दिनों पहले ही केपी शर्मा ओली ने विपक्षी नेता शेर बहादुर देउबा से भी मुलाकात की थी. जिसको लेकर नेपाली कांग्रेस ने शेर बहादुर देउबा से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है.

केपी शर्मा ओली और पुष्प कमल दहल के बीच मुलाकात बेनतीजा

नेपाल कम्यूनिस्ट पार्टी के अदंर उपजे आंतरिक कलह के बाद से ही दोनों नेताओं के बीच मुलाकात हो रही है लेकिन इस बैठक मे कोई नतीजा निकल कर नही आ रहा है. 30 जून को हुई स्थायी समिति की बैठक में केपी शर्मा ओली को अपनी नीतियों के कारण कड़ी आलोचना झेलनी पड़ी थी. तब से ही पार्टी के अधिकांश नेता उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. खासकर प्रचंड का धड़ा उनसे तुरंत इस्तीफा देने को कह रहा है. उस धड़े में प्रचंड सहित दो पूर्व प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल औऱ झालानाथ खनल शामिल हैं. हिमालयन टाइम्स की खबर के अनुसार केपी शर्मा ओली और प्रचंड के बीच सोमवार को फिर मुलाकात होगी जिसमें किसी नतीजे की आशा की जा सकती है.

पुष्प कमल दहल

ओली ने भारत पर आरोप लगाया

कई मोर्चों पर असफल रहने और समस्य़ाओं का बेहतर ढंग से निराकरण न कर पाने की वजह से पार्टी के अंदर और बाहर के लोग ओली से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. लेकिन ओली का आरोप है कि भारत उन्हें पद से हटाने की कोशिश कर रहा है. ओली ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी को भी हटाने की साजिश रची जा रही है. उनके इस बयान के बाद प्रचंड ने विद्या देवी भंडारी से मुलाकात कर यह बताया कि उनको पद से हटाने की साजिश करने की बात गलत है.