राहत इंदौरी की कलम से निकला शेर बन गया था CAA विरोधियों का नारा

देश के जाने माने शायर राहत इन्दौरी अब हमारे बीच में नही रहे. कोरोना की रिपोर्ट पॉजिटिव निकलने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था जहां हार्ट अटैक से उनकी मृत्यु हो गयी. राहत इंदौरी की कई शेर और शायरी हैं जो काफी लोकप्रिय रहे. लोग अपने अपने हिसाब से उसका इस्तेमाल करते रहे. हालाँकि राहत इंदौरी का एक शेर CAA और NRC के विरोध प्रदर्शन में भी जमकर इस्तेमाल हुआ था.

दरअसल, सीएए-एनआरसी के मुद्दे पर राहत इंदौरी ने अपनी राय रखते हुए कहा था कि यह देश किसी व्यक्ति विशेष, पार्टी या धर्म की संपत्ति नहीं है. इसे उन्होंने शायरी के जरिए लोगों के बीच रखते हुए कहा था कि ‘सभी का खून है शामिल यहां की मिट्टी में, किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़ी है.’

‘लगेगी आग तो आएंगे घर कई ज़द में
यहां पे सिर्फ़ हमारा मकान थोड़ी है,
जो आज साहिबे मसनद हैं कल नहीं होंगे
किराएदार हैं, ज़ाती मकान थोड़ी है,
सभी का ख़ून है शामिल यहां की मिट्टी में
किसी के बाप का हिन्दोस्तान थोड़ी है!

राहत इंदौरी ने कहा था कि अपनी मांग और विरोध प्रदर्शन के लिए उनके शेर का इस्तेमाल हो रहा है वे इससे खुश हैं. उन्होंने ये भी कहा था कि वे जहाँ भी जाते हैं लोग इस शेर को पढ़ने की फरमाईस करते हैं. हालाँकि अब राहत इन्दौरी की बुलंद आवाज खासोश हो गयी है.इस खबर के सामने आते है सोशल मीडिया पर लोगों ने उनके शेर और शायरी साझा करने लगे. अपने अपने अंदाज में लोगों ने उन्हें श्रधान्जली दी है.

आपको बता दें कि मंगलवार की सुबह ही उन्होंने ट्वीट करके कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आने की सूचना दी थी. साथ ही जल्दी ठीक होने की दुआ की अपील भी की थी. राहत इंदौरी ने इंदौर के अरविंदो अस्तपाल में अंतिम सांस ली.