भूमि पूजन से पहले मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने दी धमकी, ट्वीट कर कही ये बात

अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण अब होना तय है, इसके निर्माण के लिए भूमि पूजन बुधवार को दोपहर 12.40 से होगा। जिसमें पीएम मोदी भी शामिल होंगे। इस मौके पर पूरी अयोध्या को सजाया गया है। हर कोने को पीले रंग में रंगा गया है। भूमि पूजन में शामिल होने वालों का कहना है कि अयोध्या का रंग ही बदल गया है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बन रहे मंदिर को लेकर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने भूमि पूजन से पहले अपने एक ट्वीट में धमकी देते हुए कहा है कि कोई भी चीज हमेशा के लिए नहीं होती है।

Ram Mandir

बोर्ड ने अपने ट्वीट ने अपने समुदाय के लोगों से धीरज रखने को कहा है और साथ ही ये भी कहा है कि, ‘दुखी होने की जरूरत नहीं है। कोई स्थिति हमेशा के लिए नहीं रहती है।’ बोर्ड ने अपने ट्वीट में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को अन्यायपूर्ण बताया है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद विवादित ढांचे और श्री राम मंदिर का फैसला हो पाया लेकिन भूमि पूजन से पहले ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाया है और हागिया सोफिया मस्जिद का उदाहरण देते हुए कहा बाबरी मस्जिद थी हमेशा रहेगी।

Babari Mosque old pic

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से किए गए ट्वीट में कहा गया है कि, ‘बाबरी मस्जिद थी और हमेशा मस्जिद ही रहेगी। हागिया सोफिया इसका एक बड़ा उदाहरण है। अन्यायपूर्ण, दमनकारी, शर्मनाक और बहुसंख्यक तुष्टिकरण निर्णय द्वारा जमीन पर पुनर्निमाण इसे बदल नहीं सकता है। दुखी होने की जरूरत नहीं है। कोई स्थिति हमेशा के लिए नहीं रहती है।’

इसके अलावा ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड के जनरल सैक्रेटरी मौलाना वली रहमानी ने एक प्रेस रिलीज में कहा कि हमारा हमेशा यह मौकफ रहा है कि बाबरी मस्जिद किसी भी मंदिर या किसी हिंदू इबादतगाह को तोड़ कर नहीं बनाई गई। उन्होंने ये भी कहा कि, हालात चाहे जितने खराब हों हमें हौसला नहीं हारना चाहिए, मुखालिफ हालात में जीने का मिज़ाज बनाना चाहिए। मैं मुसलमानों से अपील करता हूं कि वो सुप्रीम कोर्ट के फैसले और मस्जिद की ज़मान पर मंदिर की तामीर से हरगिज़ दिल बर्दाश्ता न हों, हमें यह भी याद रखना चाहिए कि खाना-ए-काबा एक लंबे अर्से तक शिर्क और बिदअत परस्ती का मरकज़ रहा है। हमारी ज़िम्मेदारी है कि ऐसे नाज़ुक मौके पर अपनी गल्तियों से तौबा करें, इखलाक और किरदार को सवारें, घर और समाज को दीनदार बनाए और पूरे हौसले के साथ मुखालिफ हालात में आगे बढ़ने का फैसला करें।

Babari Mosque muslim personal law board

बता दें कि बोर्ड ने कहा है कि बाबरी मस्जिद कल भी थी, आज भी है और कल भी रहेगी। मस्जिद में मूर्तियां रख देने, पूजा पाठ शुरू कर देने या एक लंबे अर्से तक नमाज़ पर पाबंदी लगा देने से मस्जिद की हैसियत खत्म नहीं हो जाती।

दरअसल 1500 साल प्राचीन विरासत समेटे यूनेस्को की विश्व विरासत में शामिल हागिया सोफिया म्यूजियम को लेकर बड़ी तब्दीली हुई थी। पिछले महीने जुलाई में टर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यब एर्दोगन ने इस ऐतिहासिक म्यूजियम को दोबारा मस्जिद में बदलने का आदेश दिया। राष्ट्रपति एर्दोगन ने 1934 के उस फैसले को पलट दिया, जिसके तहत 1434 में इस्तांबुल पर कब्जे के बाद उस्मानी सल्तनत द्वारा मस्जिद में तब्दील हुई हागिया सोफिया को एक म्यूजियम बना दिया गया था। इस ऐतिहासिक इमारत ने कई बार अपनी रंगतों को भी बदलते देखा है। जब ये इमारत बनाई गई तब ये एक भव्य चर्च हुआ करती थी और शताब्दियों तक ये चर्च ही रही। फिर इसे मस्जिद में तब्दील कर दिया गया।

बता दें कि गौरतलब है कि हागिया सोफिया दुनिया के सबसे बड़े चर्चों में से एक रहा है। इसे छठी सदी में बाइजेंटाइन सम्राट जस्टिनियन के हुक्म से बनाया गया था। उस समय इस शहर को कुस्तुनतुनिया या कॉन्सटेनटिनोपोल के नाम से जाना जाता था। 537 ईस्वी में निर्माण पूर्ण होने के बाद इस इमारत को चर्च बनाया गया।