मध्यप्रदेश में 39 छात्रों को एक ही सीरिंज से टीका लगाने वाला स्वास्थ्य कार्यकर्ता गिरफ्तार, जिला टीकाकरण अधिकारी निलंबित

27 जुलाई को, मध्य प्रदेश में एक स्वास्थ्य कार्यकर्ता ने एक सिरिंज का उपयोग करके 39 स्कूली विद्यार्थियों को कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण करने का मालमा सामने आ रहा है। उसने यह कहते हुए खुद को सही ठहराया कि वह केवल वही कर रहा था जैसा उसे बताया गया था।

मध्य प्रदेश के सागर क्षेत्र के एक स्कूल में छात्रों के टीकाकरण की जिम्मेदारी नर्सिंग कॉलेज के छात्र जितेंद्र अहिरवार को दी गई थी।

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, कई युवाओं के माता-पिता ने नोट किया कि वह टीकाकरण स्थान पर कई शॉट्स के लिए एक ही सिरिंज का इस्तेमाल कर रहे था। जिसके बाद उन्होंने खूब हंगामा किया।

जिले के एक अधिकारी ने कहा कि बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान के दौरान शहर के जैन हायर सेकेंडरी स्कूल में बुधवार को हुई घटना के बाद, टीकाकरणकर्ता जितेंद्र अहिरवार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

अहिरवार से उसके लापरवाह व्यवहार के बारे में पूछे जाने पर, कहा कि एक वरिष्ठ ने उन्हें एक ही सिरिंज का उपयोग करके केंद्र में सभी को टीका लगाने का निर्देश दिया था।

इसके बाद अहिरवार से सवाल किया गया कि क्या उन्हें इस बात की जानकारी थी कि एक ही सिरिंज का इस्तेमाल कई लोगों को इंजेक्शन लगाने के लिए करना अनुचित है।

उसने कहा “मुझे पता है,” “इसीलिए मैंने उनसे (अधिकारियों से) पूछा कि क्या मुझे सिर्फ एक सीरिंज का इस्तेमाल करना है। उन्होंने कहा हाँ, तो मैंने किया। इसमें मेरा क्या कसूर?”

घटना का पता चलने के बाद अहिरवार को हिरासत में ले लिया गया। पीटीआई के अनुसार, वह भारतीय दंड संहिता की धारा 336 (मानव जीवन या दूसरों की व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाली लापरवाही या लापरवाहीपूर्ण कार्य) के तहत पहली सूचना रिपोर्ट का विषय था।

इस दौरान जिले के टीकाकरण अधिकारी डॉ. शोभाराम रोशन को निलंबित कर दिया गया है। सागर जिला कलेक्टर द्वारा स्थिति की विभागीय जांच की सिफारिश की गई है।