इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, अब बालिग लड़का-लड़की बिना किसी हस्तक्षेप के रह सकते हैं साथ…पढ़िए क्या है पूरी खबर !

इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस जेजे मुनीर की एकल पीठ ने अहम फैसला देते हुए कहा कि बालिग लड़का- लड़की अपनी मर्जी से पसंद के किसी भी व्यक्ति के साथ रह सकते हैं। कोर्ट ने कहा यह अधिकार संविधान उन्हें देता है और कानून का कर्त्तव्य उन अधिकारों का संरक्षण है। कोर्ट ने कहा साथी चुनने के समय बालिग लड़का-लड़की के जीवन में हस्तक्षेप करने का किसी को अधिकार नहीं है।

Also Read –कोरोना में सबको घाटा, रामदेव बाबा की चांदी ही चांदी 

जाने क्या है पूरा केस

दरसल कोर्ट में दो विभिन्न धर्मों के लोगों ने शादी के बाद एक-दूसरे के साथ रहने के लिए याचिका दायर की थी। सहारनपुर की पूजा उर्फ जोया व शाहवेज ने अलग धर्मों के होने के करण भाग कर शादी कर ली थी। जब पूजा के परिवार को पता चला तो उसे पकड़ लाये और घर में नजरबंद कर दिया। कोर्ट ने 18 साल की लड़की को पेश करने के निर्देश दिए। लेकिन पिता के द्वारा पेश न करने एसपी सहारनपुर को लड़की को पेश करने का निर्देश दिया। पेशी में लड़की ने कहा की वह पती के साथ रहना चाहती है। कोर्ट ने लड़की की चुनने की स्वतंत्रता के अधिकार को सहमति दी।

बालिग लड़का-लड़की
Photo – The Indian Express

बालिग लड़का-लड़की के लिए कोर्ट का फैसला

कोर्ट ने विपरीत धर्मों के लोगों को बालिग होने पर अपनी मर्जी से कहीं भी किसी के साथ रहने के लिए स्वतंत्र कर दिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा हालांकि संविधान हर व्यक्ति को अपने पसंद का धर्म अपनाने का अधिकार देता है, लेकिन केवल शादी के लिए धर्म परिवर्तन करना गलत है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि विशेष विवाह अधिनियम के तहत बिना धर्म बदले दो धर्मों को मानने वाले व्यक्ति शादी कर वैवाहिक जीवन बिता सकते हैं। यह कानून सभी धर्म को मानन वालों पर लागू है. इसके बावजूद लोग शादी करने के लिए धर्म परिवर्तन कर रहे हैं, जो सही नहींं है.