मशहूर बुंदेलखंडी लोक गायक देशराज पटेरिया का आकस्मिक निधन !

मध्यप्रदेश के मशहूर बुंदेलखंडी लोकगीत गायक देशराज पटेरिया का आकस्मिक निधन हो गया है. पटेरिया को बुधवार को छतरपुर के मिशन अस्पताल में भर्ती कराया गया था. बताया जा रहा है कि आज तकरीबन 3.15 बजे दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया. देशराज ने बुंदेलखंडी लोकसंगीत को अतंर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

देशराज पटेरिया
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बुंदेलखंडी लोकगायक देशराज पटेरिया का ऩिधन

मध्यप्रदेश के मशहूर लोकसंगीत गायक पं. देशराज पटेरिया का आज तड़के छतरपुर के एक अस्पताल मे निधन हो गया. वह 67 वर्ष के थे और पिछले कुछ दिनों से वह वेंटिलेटर पर थे. खबर के अनुसार उन्हें बुधवार को अचानक दिल का दौरा पड़ा था जिसके बाद उन्हें छतरपुर के मिशन अस्पताल मे भर्ती कराया गया था.

पटेरिया बुंदेलखंडी लोकगायन को एक नया मुकाम दिया. उनके लोकसंगीत मे अश्लीलता की कोई जगह नही थी और यही उन्हें अन्य गायकों से अलग बनाती थी. उन्होंने बुंदेलखंड ही नही बल्कि देश और विदेशों में भी कई प्रस्तुतियां दे चुके हैं. उन्होंने अपने गायन में श्रंगार, भक्ति औऱ वीर रस का अद्भुत मिश्रण किया है.

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शोक व्यक्त किया

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है. उन्होंने उनके असामयिक निधन को व्यक्तिगत छति बताया. उन्होंने ट्वीट कर कहा- अपनी अनूठी गायकी से बुंदेली लोकगीतों में नए प्राण फूंक देने वाले श्री देशराज पटेरिया जी के रुप मे आज संगीत जगत ने अपना एक सितारा खो दिया है.

कौन थे देशराज पटेरिया

पं. देशराज पटेरिया का जन्म छतरपुर जिले के नौगांव कस्बे के तिटानी गांव मे हुआ था. 18 साल की उम्र से ही उन्होंने कीर्तन और मंडलियों में गाना शुरु कर दिया था. वह एक गांव से दूसरे गांव गायन के लिए जाते थे. 1976 से उन्होंने लोकगीत के गायन का सफर शुरु किया. उनके कुछ लोकगीत जैसे कि वो किसान की लली.. खेत खलियान को चली, मगरे पर बोल रहा था कऊवा..लगत तेरे मायके से आ गए लिबऊआ काफी प्रसिद्ध हुए.

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