वायरल खबर: ट्रक में लोड थी ऐसी मशीन की 34 घंटे के सफर में लग गया 11 महीने !

अगर महाराष्ट्र से केरल के तिरुवनंतपुरम् के बीच की 1700 किलोमीटर की दूरी को तय किया जाय तो कितना समय लगेगा? मुश्किल से  35 से 40 घंटे लेकिन इसी दूरी को तय करने में एक मशीन को ले जा रहे ट्रक ने जो समय लिया है उसे जानकर आप यकीन नही करेंगे. यह ट्रक पिछले साल लगभग इसी समय महाराष्ट्र से निकला था जो अब जाकर अपने गंतव्य पहुंचा है. मतलब की पूरे 11 महीने! खास बात यह है कि उसे आगे बढ़ाने के लिए कुछ जगहों पर गड्ढे वाली सड़कों की मरम्मत के साथ ही पेड़ों की कटाई भी की गई और बिजली के खंभों तक को हटाया गया.

मशीन ले जा रहा ट्रक

11 महीने में महाराष्ट्र से केरल पहुंचा यह ट्रक

सोशल मीडिया पर इस समय एक ट्रक की खबर वायरल हो रही है इस ट्रक को अपने गंतव्य तक पहुचंने में 11 महीने लग गए. 78 टन वजनी एक मशीन लेकर ट्रक जुलाई 2019 में महाराष्ट्र से केरल के तिरुवनंतपुरम् के लिए निकला था और अब जाकर वह अपने गंतव्य तक पहुंचा है. इस दौरान 38 पहिए वाला यह ट्रक 5 राज्यों से होकर 1700 किलोमीटर का सफर तय किया. खास बात यह है कि ट्रक रोज 5 किलोमीटर ही चल पाता था. जहां से भी यह ट्रक गुजरता था वहां से किसी भी वाहन को गुजरने की इजाजत नही थी. इस ट्रक की तस्वीर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है.

ट्रक के साथ इंजीनियर और मैकेनिक भी

इस ट्रक और इस पर लोडेड मशीन की सुरक्षा और मेंटीनेस का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इंजिनियर और मैकेनिक्स का एक 30 सदस्यीय दल भी इसके साथ चल रहा था. एक इंजीनियर ने बताया कि ट्रक में मौजूद मशीन के अनुसार ट्रक का चेसिस काफी मजबूत बनाया गया है. जिससे वह उसे अपने गंतव्य तक मशीन को बिना किसी नुकसान के पहुंचा सके.

इसरो की मशीन

जिस मशीन को ट्रक द्वारा ले जाया जा रहा है वह इसरो के अंतर्गत काम करने वाले संस्थान विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर का है. यह एयरोस्पेस प्रोडक्ट के निर्माण के लिए एक ऑटोक्लेव मशीन है. विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर जहां यह ले जाया जा रहा है वहां के एक अधिकारी ने बताया कि ट्रक पर जो मशीन लोड है. उसे अलग-अलग करके नहीं लाया जा सकता था. यही कारण है कि इसे ट्रक से एक साथ लाना जरुरी था. उन्होंने बताया कि ट्रक में मौजूद मशीन की ऊंचाई 7.5 मीटर है और इसकी चौड़ाई 7 मीटर है. उन्होंने कहा कि हम खुश हैं कि ट्रक अब विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केन्द्र पहुंच चुका है.