कानपुर हिंसा: उत्तर प्रदेश पुलिस ने लगाए 40 संदिग्धों की तस्वीरों वाले होर्डिंग

कानपुर में बीते 3 जून को उपद्रव करने वाले लोगों के खिलाफ कार्यवाही की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी प्रक्रिया के तहत सोमवार को कानपुर पुलिस ने हिंसक उपद्रव में शामिल 40 संदिग्धों का पोस्टर जारी किया है। कानपुर पुलिस ने इन संदिग्धों की तस्वीरें सीसीटीवी और वीडियो फुटेज खंगालने के बाद जारी किए। पुलिस ने लोगों से संदिग्धों की तलाश में मदद करने की अपील की।
इसके अलावा पुलिस ने ऐलान किया है कि सूचना देने वालों का नाम गुप्त रखा जाएगा। पुलिस ने सूचना देने के लिए इंस्पेक्टर बेकनगंज का मोबाइल नंबर भी जारी किया।

गौरतलब है कि यह तीसरा अवसर है जब हिंसा के आरोपियों की तस्‍वीरों वाले होर्डिंग महत्‍वपूर्ण स्‍थानों पर लगाए गए हैं। इस तरह के होर्डिंग सबसे पहले 2015 में सिसामऊ में लगाए गए थे। इसी तरह की कार्रवाई दिसम्‍बर 2019 में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान भी की गई थी।
मार्च 2020 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्‍नर को होर्डिंग हटाने का निर्देश दिया था। तब कोर्ट ने राज्‍य सरकार की इस कार्रवाई को संविधान के अनुच्‍छेद 21 का उल्‍लंघन और लोगों की निजता का अवांक्षनीय उल्‍लंघन माना था।

कानपुर के संयुक्‍त आयुक्‍त आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया है कि अब तक 38 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जिस पेट्रोल पंप से खुले में पेट्रोल लिया गया उसपर क़ानूनी कार्रवाई होगी। उन्‍होंने कहा कि अभी हमने कोई पोस्टर जारी नहीं किया है। पुलिस फोटोग्राफ की पहचान कर रही है। अगर ये नहीं मिलते हैं तो इसको जारी करेगी।