क्या 16 साल का नाबालिग बच्चा गैंगस्टर था जिसका यूपी पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया ?

कानपुर के बिकरु गांव कांड के बाद मारे गए कार्तिकेय उर्फ प्रभात मिश्रा को लेकर नया खुलासा हुआ है. कार्तिकेय के परिवार ने उसकी 10 वीं की मार्कशीट के आधार पर दावा किया है कि उसकी उम्र मात्र 16 साल थी और उसके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नही था. इस खुलासे के बाद उत्तरप्रदेश पुलिस सहित यूपी सरकार को लेकर कई सवाल खड़े हो गए है. रिटायर्ड आईएएस सूर्य प्रताप सिहं ने भी ट्वीट कर इस मुद्दे पर यूपी की योगी सरकार को आड़े हाथों लिया है. उन्होंने सवालिया अंदाज में पूछा है कि 16 वर्ष के बच्चे का एनकाउंटर ? वह भी बिना किसी क्रिमिनल रिकार्ड के? . बता दें कि कार्तिकेय को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया था लेकिन पुलिस के अनुसार कानपुर के पनकी इलाके में गाड़ी के पंक्चर हो जाने के बाद उसने भागने की कोशिश की इसके बाद जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया.

कार्तिकेय उर्फ प्रभात मिश्रा

रिटायर्ड आईएएस सूर्य प्रताप सिहं ने सरकार से एनकाउंटर को लेकर सवाल किए हैं

कार्तिकेय के एनकाउंटर को लेकर रिटायर्ड आईएएस एसपी सिंह ने एक ट्वीट किया है जिसमें उन्होंने पुलिस द्वारा किए गए इस एनकाउंटर को लेकर सवाल किए हैं उन्होंने ट्वीट कर कहा कि –

‘बिना किसी क्रिमिनल हिस्ट्री के कार्तिकेय जिसकी उम्र मात्र 16 वर्ष थी उसका यूपी पुलिस ने पनकी में एनकाउंटर कर दिया. 16 वर्ष के बच्चे का एनकाउंटर ? पुलिस ने जांच करना उचित नही समझा? और जय वाजपेयी जिसका सीधा संबंध है विकास दुबे से उसे बचाने का प्रयास जारी है? और कितना गिरेगी सरकार?’ इसके साथ ही उन्होंने कार्तिकेय का आधार कार्ड भी अपलोड किया है.

यहां पर सवाल यह है कि रिटायर्ड आईएस तक यूपी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं. उन्होंने साफ शब्दों में यूपी पुलिस और वहां की सरकार से सवाल पूछा है. बता दें कि एसपी सिंह समय समय पर सरकार के कामकाज को लेकर आवाज उठाते रहे हैं. यही नही वह सामाजिक मुद्दों को भी ट्वीट के माध्यम व्यक्त करते हैं और सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं.

परिवार के लोगों ने दावा किया कि कार्तिकेय की उम्र 16 साल थी

इससे पहले मंगलवार को कार्तिकेय के परिवार ने मार्कशीट और आधार कार्ड दिखाकर उसकी उम्र 16 साल बताई है. हालांकि पुलिस ने उसकी उम्र 20 वर्ष बताई थी.

प्रभात के बहन ने उसकी हाईस्कूल परीक्षा यूपी बोर्ड-2018 की मार्कशीट दिखाकर दावा किया है कि उसकी जन्म तिथि 27 मई 2004 लिखी हुई है. उसमें उसका नाम कार्तिकेय पुत्र राजेन्द्र कुमार दर्ज है. इसके अलावा आधार कार्ड में उसका नाम कार्तिकेय पुत्र राजेन्द्र कुमार, पता ग्राम बिकरु पोस्ट कंजती जिला कानपुर लिखा हुआ है. परिवार वालो ने कहा कि उनका विकास के साथ उठना-बैठना तक नही है और ना ही उनके परिवार का कोई आपराधिक इतिहास है. इसके बाद भी उसको मार दिया. वह नाबालिग था.

कार्तिकेय फरीदाबाद से किया था गिरफ्तार

कार्तिकेय उर्फ प्रभात को अंकित औऱ श्रवण के साथ फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया था. पुलिस कह रही है कि लौटते वक्त पनकी क्षेत्र में गाड़ी पंक्चर हो गई थी. इस दौरान कार्तिकेय एक दरोगा की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की पुलिस द्वारा पीछा करने पर उसने फायरिंग की जिसके बाद उसे जवाबी कार्रवाई में मार गिराया गया.

गैंगस्टर विकास दुबे के एनकाउंटर से लोगों में खुशी जरुर है लेकिन उसके बाद पुलिस के एनकाउंटर का जो रवैया गैंग या उससे जुड़े अन्य सदस्यों के खिलाफ है उससे लोगों में क्षोभ है. खासकर कार्तिकेय जैसे मामले को लेकर यूपी की पुलिस घिरती नजर आ रही है. लोगों का गुस्सा सोशल मीडिया के माध्यम से फूट रहा है. कई मामलों में याचिकाएं भी दायर हुई हैं.